बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के बापू सभागार में डॉ. हेडगेवार पर आधारित महानाट्य का शुभारंभ किया। बिहार के अन्य जिलों में भी होगा मंचन
Bihar News पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को पटना के बापू सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित महानाट्य ‘संघ सृजन का आविष्कार: युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित किया और डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। नागपुर की नादब्रह्म संस्था द्वारा निर्मित इस महानाट्य में डॉ. हेडगेवार के जीवन, संघर्ष, त्याग, समर्पण और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को प्रस्तुत किया गया।
बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. हेडगेवार के जीवन और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने घोषणा की कि इस महानाट्य का मंचन केवल पटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बिहार के अन्य जिलों में भी कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवा इससे प्रेरणा ले सकें।
Bihar News:पटना के बापू सभागार में महानाट्य का शुभारंभ
सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर महानाट्य की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुति का अवलोकन किया। महानाट्य के माध्यम से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक और प्रथम सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन के विभिन्न पहलुओं को मंच पर उतारा गया।
इस नाट्य प्रस्तुति का उद्देश्य उनके जीवन संघर्ष, राष्ट्र के प्रति समर्पण, संगठन निर्माण और विचारों को प्रभावशाली तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान की प्रस्तुति भी दी।
Bihar News:युवाओं तक पहुंचाए जाएंगे डॉ. हेडगेवार के विचार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि डॉ. हेडगेवार के जीवन पर आधारित यह महानाट्य राष्ट्रभक्ति, त्याग, अनुशासन और समाज सेवा जैसे मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। उन्होंने डॉ. हेडगेवार को स्वतंत्रता सेनानी, विचारक और कुशल संगठनकर्ता बताते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के माध्यम से डॉ. हेडगेवार ने संगठन और राष्ट्रसेवा की परंपरा विकसित की। संघ की शाखाओं के जरिए इससे जुड़े लोग राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रसार के लिए काम करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार में दो करोड़ से अधिक युवा हैं। ऐसे में नई पीढ़ी, विशेषकर जेन-जी (Gen Z), को डॉ. हेडगेवार के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण से परिचित कराना जरूरी है। राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास करेगी।
Key Highlights
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के बापू सभागार में महानाट्य का शुभारंभ किया।
- महानाट्य का नाम ‘संघ सृजन का आविष्कार: युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ है।
- प्रस्तुति में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में योगदान को दर्शाया गया।
- मुख्यमंत्री ने बिहार के दो करोड़ से अधिक युवाओं का उल्लेख करते हुए नई पीढ़ी को उनके विचारों से परिचित कराने पर जोर दिया।
- महानाट्य का मंचन पटना के अलावा बिहार के अन्य जिलों में भी कराया जाएगा।
Bihar News:बिहार के अन्य जिलों में भी होगा मंचन
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महानाट्य का आयोजन पटना तक सीमित नहीं रखा जाएगा। बिहार के दूसरे जिलों में भी इसका मंचन कराया जाएगा, ताकि राज्य के अधिक से अधिक युवाओं और आम लोगों को इसे देखने का अवसर मिल सके।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को समृद्ध, उन्नत और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, डॉ. हेडगेवार के जीवन और संकल्प को समझने में यह महानाट्य महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो सकता है।
Bihar News:कला एवं संस्कृति मंत्री समेत कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में बिहार के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बिहार-झारखंड क्षेत्रीय कार्यवाह डॉ. मोहन सिंह ने भी संबोधित किया। महानाट्य के निर्माता पद्माकर धानोरकर ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू, पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, बिहार भाजपा के संगठन महामंत्री भिखूभाई दलसानिया, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों के साथ बड़ी संख्या में आमजन ने भी भाग लिया।



















