Rajgir World Peace Pagoda: राजगीर स्थित विश्व शांति स्तूप के 57वें स्थापना दिवस समारोह में ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री तथा जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विश्व शांति स्तूप को भारत और जापान के बीच आध्यात्मिक मैत्री तथा विश्व शांति के साझा संकल्प का प्रतीक बताया। मंत्री ने कहा कि यह स्तूप केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि पूरी मानवता को शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का संकल्प लेने की अपील भी की।
फुजी गुरुजी ने शांति और अहिंसा के संदेश के लिए चुना राजगीर
श्रवण कुमार ने कहा कि जापानी बौद्ध भिक्षु पूज्य फुजी गुरुजी ने दुनिया में शांति और अहिंसा का संदेश फैलाने के उद्देश्य से विश्व शांति स्तूप की परिकल्पना की थी। उनका मानना था कि युद्ध का उत्तर प्रेम, घृणा का उत्तर करुणा और हिंसा का उत्तर अहिंसा है। इसी विचार को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने राजगीर के रत्नागिरी पर्वत को चुना। मंत्री के अनुसार, यह निर्णय राजगीर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा है।
धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के विकास पर जोर
मंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की पहचान कर उनके विकास और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों, परिवहन और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से बिहार आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली है।

ग्लास ब्रिज और रोपवे से राजगीर को मिली नई पहचान
श्रवण कुमार ने राजगीर में विकसित पर्यटन सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्लास ब्रिज, जू सफारी, घोड़ा कटोरा झील के बीच भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा और विश्व शांति स्तूप तक पहुंचने के लिए आधुनिक रोपवे जैसी व्यवस्थाओं ने राजगीर की पहचान को और मजबूत किया है। इन सुविधाओं के विकास से राजगीर धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ-साथ अन्य पर्यटन गतिविधियों के लिए भी देश-विदेश के लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है।

स्थापना दिवस समारोह में देश-विदेश के श्रद्धालु शामिल
विश्व शांति स्तूप के 57वें स्थापना दिवस समारोह में बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीजीसी एंड संतोडू पिलग्रीमेज मिशन के लीडर केन्पुके होरिउची, सीनियर मोंक पूज्य निरपोनजन म्योहोजी और राजगीर बुद्ध विहार सोसाइटी की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। समारोह में बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुओं और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर विश्व शांति स्तूप की विरासत और शांति, अहिंसा तथा आध्यात्मिक सद्भाव के संदेश को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

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