राजगीर में मनाया गया 54वां विश्व शांति स्तूप दिवस, मंत्री श्रवण कुमार भी पहुंचे

नालंदा : नालंदा जिले के अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर में आज 54वां विश्व शांति स्तूप दिवस मनाया गया है। जहां रत्नागिरी पर्वत पर भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना किया गया है। बता दें कि इस विश्व शांति स्तूप दिवस में जापान के कई अतिथियों ने भाग लिया है। इसके साथ ही ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और जदयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने भी भाग लिया है।

रत्नागिरि पर स्थित विश्व शांति स्तूप का 54वां वार्षिकोत्सव बुधवार को सादगी से मनाया गया। जापान के निप्पोन जेन म्योहोजी योशीदा की याद में प्रार्थना सभी की गई। जापान के निप्पोनजेन म्योहोजी द्वारा परंपरागत तरीके से पूजा की गई। इसमें महाबोधि महाविहार मंदिर बोधगया के भिक्षुओं ने भी प्रार्थना की। ना मू म्यो हो रें गे क्यों का जाप किया गया। मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेन्द्र कुमार सहित अन्य को जापान के निप्पोजेन म्योहोजी द्वारा गिफ्ट दिया गया।

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि भगवान बुद्ध के विचारों पर चलकर ही पूरी दुनिया में शांति कायम की जा सकती है। भगवान बुद्ध के उपदेश को दुनिया के लोगों को अपनाने की जरूरत है। रत्नागिरि पर स्थित यह विश्व शांति स्तूप शांति का प्रतीक है। कहा कि दुनिया को शांति और भाईचारे की जरूरत है। यह महात्मा बुद्ध के बताएं मार्ग पर चलकर ही संभव है। बुद्ध मार्ग से ही शांति साथ समृद्धि प्राप्त हो सकती है। उन्होंने जन जन तक भगवान बुद्ध के संदेशों को पहुंचाने और आत्मसात करने पर जोर दिया। जिन देशों ने बौद्ध धर्म को अपनाया है उन देशों में शांति के साथ समृद्धि भी अधिक है। राजगीर के प्राकृतिक सौंदर्य और इतिहास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा यह बहुत मनोरम जगह है। यहां के प्राकृतिक सौंदर्य, पुरातात्विक धरोहरों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटन आते हैं। बिहार सरकार राजगीर के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा देशी-विदेशी सैलानियों के लिए एक से बढ़कर एक परियोजनाओं को आकार दिया गया है, जो दुनिया के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस अवसर पर सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि भगवान बुद्ध के संदेश आज पहले से अधिक प्रासंगिक हो गई है। दुनिया को भगवान बुद्ध के संदेश की जरूरत है। प्रमुख बौद्ध भिक्षु टी ओकोनोगी ने विश्व शांति कहा कि इसका निर्माण जापान के प्रमुख बौद्ध भिक्षु निचिदात्सु फुजीई गुरुजी द्वारा किया गया था। उनके द्वारा दुनिया में आनेकों शांति स्तूप की स्थापना की गई। यह स्तूप आज पूरी दुनिया में शांति का संदेश दे रहा है। 1965 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने इसका शिलान्यास किया था। 1969 में इसका उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरि ने किया।

रजनीश किरण की रिपोर्ट

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