पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने Patliputra National Youth Parliament-2.0 का शुभारंभ किया और लोकतंत्र मजबूत करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।
Google पर 22Scope चुनेंPatliputra National Youth Parliament, पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को पटना के गोला रोड स्थित ज्ञान निकेतन स्कूल परिसर में दो दिवसीय ‘पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0’ का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। युवा पीढ़ी को लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक व्यवस्था और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक होकर आगे आना होगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति से जुड़े लोगों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी स्वर्गीय आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, सांसद शांभवी चौधरी और युवा संसद के संस्थापक सायन कुणाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवाओं को आगे आने की जरूरत
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र की जड़ें बिहार की धरती से जुड़ी हैं। देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने संघर्ष और बलिदान दिया। आजादी के 80 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बिहार को समृद्ध और विकसित बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। युवा देश का भविष्य हैं और लोकतंत्र, सभ्यता-संस्कृति तथा राष्ट्र की मजबूती में उनकी भागीदारी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 1974 के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। आज जेन-जी और जेन-अल्फा का दौर है। युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद जैसे आयोजन नई पीढ़ी को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम हैं।
जनता सर्वोपरि, सरकार को अपेक्षाओं के अनुरूप करना चाहिए काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता मालिक होती है और सरकार की जिम्मेदारी जनता की आवाज तथा अपेक्षाओं को समझना है। जनता ने सरकार को काम करने का अवसर दिया है, इसका अर्थ यह नहीं कि सरकार स्वयं को भाग्य विधाता समझने लगे। उन्होंने कहा कि जनहित में लिए गए फैसलों और बनाए गए कानूनों की समय-समय पर समीक्षा भी जरूरी है। आवश्यकता पड़ने पर उनमें बदलाव या उन्हें वापस लेने का निर्णय भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार जनता द्वारा चुनी जाती है और उसका काम जनता के हित में नीतियां बनाना तथा विकास कार्य करना है। सफल वही लोग होते हैं, जो जनता और विशेषकर युवा पीढ़ी की उम्मीदों को ध्यान में रखकर फैसले लेते हैं। लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है।
संपन्न लोगों से 125 यूनिट मुफ्त बिजली छोड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार गरीब से लेकर अमीर तक सभी परिवारों को इसका लाभ दे रही है। बिजली सब्सिडी पर सरकार लगभग 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उनके अनुसार, राज्य सरकार प्रति परिवार हर साल करीब 8 से 10 हजार रुपये तक बिजली सब्सिडी के रूप में खर्च करती है। उन्होंने सक्षम, संपन्न और आयकर देने वाले लोगों से अपील की कि वे स्वेच्छा से 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ें और राज्य के विकास में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में समाज के सक्षम वर्ग की भागीदारी भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
शिक्षा और ज्ञान को बताया सफलता का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और ज्ञान अर्जन ही सफलता तथा समृद्धि का वास्तविक आधार है। बिहार सरकार विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर देने के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना चला रही है। इसके माध्यम से मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को चार लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने राज्य में विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए लोगों को आगे आने का आह्वान किया। साथ ही ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना को प्रोत्साहित करने की बात कही, ताकि बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिक अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 534 प्रखंडों में 700 मॉडल स्कूल सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में स्थापित किए गए हैं। इनमें करीब 3.5 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यार्थियों की सहायता के लिए ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ भी उपलब्ध कराया गया है। इसके जरिए पढ़ाई के दौरान किसी विषय में शिक्षक की जरूरत पड़ने पर रात एक बजे भी एक मिनट के भीतर सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
हर साल युवा संसद आयोजित करने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद के संस्थापक सायन कुणाल और सांसद शांभवी चौधरी को इस आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि युवाओं को लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया जा सके और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, सांसद शांभवी चौधरी और युवा संसद के संस्थापक सायन कुणाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, विधायक विशाल प्रशांत, सीबीएसई पटना के क्षेत्रीय पदाधिकारी जंगम सुनील कुमार, ज्ञान निकेतन स्कूल के प्राचार्य शैलेन्द्र मोहन झा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा उपस्थित थे।
Patliputra National Youth Parliament-2.0 का आयोजन कहाँ और कब हुआ?
इसका शुभारंभ 1 नवंबर 2026 को पटना के गोला रोड स्थित ज्ञान निकेतन स्कूल परिसर में हुआ। यह दो दिवसीय कार्यक्रम है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने युवाओं की भूमिका के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। युवा देश का भविष्य हैं।
बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना पर सरकार कितना खर्च कर रही है?
सरकार बिजली सब्सिडी पर लगभग 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है और प्रति परिवार हर साल करीब 8 से 10 हजार रुपये तक सब्सिडी दे रही है।
Student Credit Card योजना क्या है?
यह योजना विद्यार्थियों को मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए चार लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देती है।
राज्य में कितने मॉडल स्कूल स्थापित किए गए हैं?
534 प्रखंडों में 700 मॉडल स्कूल सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में स्थापित किए गए हैं, जिनमें करीब 3.5 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
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