Vote Bachao Desh Bachao Rally, नई दिल्ली: दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ रैली में झारखंड से हजारों कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने हिस्सा लिया। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की के नेतृत्व में झारखंड से पहुंचे लोगों ने रैली में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इस दौरान लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा का संकल्प लिया गया। झारखंड से आए लोगों ने अपनी पारंपरिक कला, संस्कृति और लोक परंपराओं के माध्यम से भी राष्ट्रीय मंच पर राज्य की पहचान प्रस्तुत की। रैली को लेकर जारी प्रेस विज्ञप्ति में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब इस बात का संकेत है कि देश की जनता लोकतंत्र, संविधान और अपने मताधिकार की रक्षा के लिए एकजुट हो रही है। उन्होंने दावा किया कि लोग अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पहले से अधिक जागरूक हुए हैं।
शिल्पी नेहा तिर्की और बंधु तिर्की के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ता
रैली में झारखंड से हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की तथा वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की ने झारखंड से पहुंचे लोगों का नेतृत्व किया। रैली में शामिल लोगों ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई। शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, देश की जनता अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठा रही है। उन्होंने कहा कि चोरी और छल के सहारे खड़ा किया गया कोई भी साम्राज्य लंबे समय तक कायम नहीं रह सकता।
टाना भगत समुदाय की भेरी ने आकर्षित किया ध्यान
रैली में झारखंड की सांस्कृतिक पहचान भी प्रमुखता से दिखाई दी। राज्य से पहुंचे लोगों ने अपनी पारंपरिक कला, संस्कृति और परंपराओं के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। विशेष रूप से टाना भगत समुदाय की पारंपरिक भेरी की गूंज ने रामलीला मैदान में लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से झारखंड की लोक परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया गया। आयोजकों के अनुसार, झारखंड से पहुंचे लोगों की भागीदारी ने राज्य की सांस्कृतिक विविधता और सामूहिक सहभागिता को सामने रखा।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का बताया जनसंकल्प
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ रैली केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लोकतंत्र, संविधान, मताधिकार और देश के भविष्य की रक्षा का जनसंकल्प है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर नहीं होने देना चाहते। उन्होंने राहुल गांधी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि रैली में उमड़ी भीड़ लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उनके मुताबिक, झारखंड के हजारों लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि राज्य लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के मुद्दे पर देश की जनता के साथ खड़ा है।
राष्ट्रीय मंच पर दिखी झारखंड की सांस्कृतिक पहचान
दिल्ली के रामलीला मैदान में झारखंड से पहुंचे कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के साथ राज्य की कला, संस्कृति और परंपराओं को भी प्रस्तुत किया गया। टाना भगत समुदाय की भेरी की गूंज ने कार्यक्रम में झारखंडी अस्मिता को विशेष पहचान दी। रैली के माध्यम से राज्य के लोगों ने लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों के समर्थन में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
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