Beltron Employees Protest: बिहार में बेल्ट्रॉन के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर रविवार को भभुआ में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर करीब 200 कर्मियों ने मार्च निकालकर सरकार से राज्य कर्मी का दर्जा और स्थायी सेवा की मांग उठाई। प्रदर्शन में डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर और आईटी क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी शामिल हुए। कर्मियों ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नोडल विभाग घोषित करने की भी मांग की। जगजीवन स्टेडियम से शुरू हुआ यह मार्च समाहरणालय गेट तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे वर्षों से सरकारी विभागों, प्रखंडों और पंचायतों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें राज्य कर्मियों के समान दर्जा और स्थायी सेवा का लाभ नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि लंबे समय से काम करने के बावजूद सेवा की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
जगजीवन स्टेडियम से समाहरणालय तक निकाला मार्च
रविवार को संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर भभुआ में बेल्ट्रॉन कर्मियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में मार्च निकाला। इसमें करीब 200 कर्मचारी शामिल हुए। मार्च जगजीवन स्टेडियम से शुरू होकर समाहरणालय गेट तक पहुंचा। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया और सरकार से वर्षों से लंबित मुद्दों पर निर्णय लेने की अपील की। प्रदर्शन में अलग-अलग विभागों और कार्यालयों में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर और आईटी कर्मियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी कामकाज में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन सेवा संबंधी सुविधाओं और दर्जे के मामले में उन्हें अब तक अपेक्षित व्यवस्था नहीं मिल सकी है।
करीब 20 हजार बेल्ट्रॉन कर्मियों के भविष्य का सवाल
संयुक्त मोर्चा के अनुसार, बिहार में करीब 20 हजार बेल्ट्रॉन कर्मी विभिन्न सरकारी विभागों में काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों के भविष्य और सेवा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। मोर्चा का कहना है कि कई कर्मियों की उम्र सरकारी नौकरी में नियुक्ति के लिए निर्धारित आयु सीमा से अधिक हो चुकी है। ऐसे में यदि उनके लिए स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती है, तो भविष्य में उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। कर्मियों ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक सरकारी कार्यालयों में काम करते हुए प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों में योगदान दिया है। इसलिए उनकी सेवा अवधि और अनुभव को ध्यान में रखते हुए सरकार को उनके भविष्य के बारे में ठोस फैसला लेना चाहिए।
राज्य कर्मी का दर्जा और स्थायी सेवा की मांग
प्रदर्शन के दौरान संयुक्त मोर्चा के सदस्य धनंजय पांडेय ने सरकार से वर्षों से सेवा दे रहे बेल्ट्रॉन कर्मियों के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके सेवा संबंधी मामलों का समाधान किया जाना चाहिए। कर्मियों की प्रमुख मांगों में राज्य कर्मी का दर्जा देना और सेवा को स्थायी करना शामिल है। उनका मानना है कि इससे कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा मिलेगी और भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता दूर होगी।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नोडल विभाग बनाने की मांग
बेल्ट्रॉन कर्मियों ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अपना नोडल विभाग घोषित करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि डाटा एंट्री, प्रोग्रामिंग, स्टेनोग्राफी और अन्य तकनीकी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए एक स्पष्ट प्रशासनिक व्यवस्था होनी चाहिए। इससे उनकी सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान और कार्यों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिल सकती है। भभुआ में निकाले गए इस मार्च के जरिए कर्मचारियों ने सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की। अब उनकी नजर सरकार के अगले कदम पर है।
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