Patna– फुलवारी शरीफ स्थित महावीर कैंसर संस्थान में अब बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट की सुविधा उपलब्ध हो गई है.
भारत के प्रख्यात बी.एम.टी. विशेषज्ञ डा० राहुल भार्गव ने बताया कि पिछले दो महीने में 5 गरीब मरीजों का सफल प्रत्यारोपण किया जा चुका है.
ब्लड कैंसर के लिए बोन मैरो ट्रांसपलान्ट सटिक इलाज है. अधिकांश मरीजों को ठीक होने की संभावना रहती है.
खासकर मल्टीपल मायलोमा, अप्लास्टिक एनीमिया में बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट का महत्व और भी बढ़ जाता है.
भारत में प्रतिवर्ष 60 से 70 हजार मरीजों को बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट की आवश्यकता
भारत में प्रतिवर्ष 60 से 70 हजार मरीजों को बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट की आवश्यकता है,
लेकिन इसमें से तीन हजार मरीजों का ही बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट हो पाता है.
महावीर कैंसर संस्थान का बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट यूनिट देश के महत्वपूर्ण संस्थाओं में एक है.
यहां काफी कम खर्च पर मरीजों का बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट किया जाता है, सच्चाई ही कि
यहां टाटा मेमोरियल हॉस्पीटल से भी कम खर्च आता है. टाटा मेमोरियल हॉस्पीटल में
बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट करवाने की प्रतीक्षा सूची लगभग एक वर्ष है. डा० राहुल ने महावीर कैंसर संस्थान
में बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट की सुविधा उपलब्ध होने पर खुशी जताए हुए कहा कि इससे से बिहार और इसके निकटवर्ती राज्यों को लाभ होगा.
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