कोयला डिस्पैच ठप होने से बीसीसीएल प्रभावित
झरिया (धनबाद) : झरिया में मजदूरों की रोजी रोटी की लड़ाई अब तेज हो गई है.
जिसके कारण कोयला डिस्पैच ठप होने से बीसीसीएल का काम प्रभावित हो गया है.
वहीं प्रशासन ने एहितायतन धारा 144 लगा गया दिया है.
बताया जाता है कि बीसीसीएल द्वारा बिना नोटिस दिए सीके डब्ल्यू साइडिंग को
बंद करने के विरोध में मजदूरों ने बीसीकेयू और मासस के बैनर तले
केओसीपी के डिस्पैच को बंद कर दिया है. और आक्रोश सभा आयोजित की गई.
बीसीसीएल का उत्पादन प्रभावित
बता दें कि 6 नंबर लोडिंग पॉइंट और बोर्रागढ़ जाने वाली कोयला अब ठप हो गई है. जिससे बीसीसीएल का उत्पादन प्रभावित हो रहा है. वहीं इसकी शिकायत करते हुए जीएम ने जिला प्रशासन को लिखित दिया था. जिसके आलोक में एसडीएम ने दो महीनों के लिए 144 धारा लगा दिया है.

बीसीसीएल मैनेजमेंट और जिला प्रशासन पर साठगांठ का आरोप
गौरतलब है कि पिछले 30 सालों से मोहरीबांध, कुजामा, लोदना, घनुडीह के लगभग ढाई सौ मजदूर बेरोजगार हो गए हैं और उनकी स्थिति भुखमरी की हो गई है. वहीं आज किए गए आक्रोश सभा में मुख्य अतिथि के रुप में मासस का नेता अरूप चटर्जी समेत मासस के कई केंद्रीय नेता भी उपस्थित हुए. जिसमें बीसीसीएल मैनेजमेंट और जिला प्रशासन पर साठगांठ का आरोप लगाया है.
मजदूरों की हक की लड़ाई जारी रहेगी- अरूप चटर्जी
मजदूरों का आरोप है कि साजिश के तहत बीसीसीएल आउटसोर्सिंग लाना चाहती है और इसके लिए डीजीएमएस के समक्ष गलत रिपोर्ट सौंपा गया है. जिसके वजह से डीजीएमएस ने आउटसोर्सिंग चलाने की अनुमति दी है. इसकी भी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए. वही मीडिया से बात करते हुए मासस के वरीय नेता अरूप चटर्जी ने कहा कि मजदूरों की हक की लड़ाई जारी रहेगी. जब तक बीसीसीएल इन मजदूरों को रोजगार मुहैया नहीं करा देती तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि 144 धारा लगाना जिला प्रशासन का काम है और यह लड़ाई रोजी रोटी की लड़ाई है. अगर समय रहते बीसीसीएल प्रबंधन इस पर ध्यान नहीं देती है तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा.
रिपोर्ट: सचिन सिंह
मानदेय नही मिलने से मजदूर नाराज, कापासारा आउटसोर्सिंग में कामकाज ठप
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