एक निर्दयी मां ने कूड़े के ढेर पर नवजात को फेंका, वहीं ममता की मूरत बनकर
दूसरी महिला ने रोते-बिलखते मासूम को अपनाया, बनी मां.
आपको बता दें कि औरंगाबाद के गोह बाजार में कूड़े के ढेर पर ममता का गला घोंटने
वाली निर्दयी मां कुछ घंटे पूर्व जन्मे नवजात को रोता-बिलखता छोड़ गई.
मामले की जानकारी मिलतेे ही मौके पर लोगो की भीड़ लग गई. जितनी मुंह उतनी बातें होने लगी.
हर कोई मासूम की निर्दयी-निष्ठुर मां को कोसता नजर आया. इसी बीच एक सह्रदय दंपत्ति आगे आये.
दोनों ने बच्चे को अपनाने का फैसला लेते हुए मासूम को अस्पताल में भर्ती कराया.
डॉक्टरों द्वारा बच्चे को स्वस्थ बताने के बाद वे उसे घर ले गए.
नवजात को फेंका : अवैध क्लिनिक में महिला ने बच्चे को दिया था जन्म
चर्चा है कि किसी अवैध क्लीनिक में महिला ने बच्चे को जन्म दिया है. बताया जाता है कि
गोह अंदर बाजार स्थित दुर्गा मंदिर से लगभग 500 मीटर की दूरी पर बुधवार की सुबह
एक नवजात के रोने की आवाज सुनकर कुछ लोग कूड़े के ढेर के पास पहुंचे तो देखा
कि एक बच्चा घास पर पड़ा बिलख रहा है. कुछ ही देर में यह खबर जंगल में लगी
आग की तरह फैल गई. सैकड़ों लोगांे की भीड़ मौके पर जमा हो गई लेकिन
किसी ने उस बच्चे को नही उठाया. जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे
ओमप्रकाश गुप्ता ने बच्चें को रोते-बिलखते देखकर इसकी जानकारी अपनी पत्नी ब्यूटी को दी.
ब्यूटी ने तत्काल बच्चे को लाने को कहा. ओमप्रकाश ने नवजात बच्चें को अपनाते हुए उसे तुरंत एक
निजी चिकित्सक को दिखाया. डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चें के स्वस्थ होने की बात कही.
इसके बाद वे उसे अपने घर ले गए. ओमप्रकाश की पत्नी ब्यूटी अब मां बनकर बच्चें का पालन पोषण कर रही है. ब्यूटी को पहले से एक पुत्र ऋतिक कुमार(8वर्ष) और एक पुत्री अमृता कुमारी(5वर्ष) है. इसके बावजूद बच्चे को कूड़े के ढेर में फेंका देख ब्यूटी की ममता उसे बर्दाश्त नही कर पाई औऱ नवजात को लाने को लेकर अपनी पति ओमप्रकाश को उत्साहित किया. ओमप्रकाश भी नवजात को अपनाकर बच्चें का घर मे लालन पालन कर रहे हैं.पत्नी ब्यूटी की गोद से अपने गोद मे लेकर बच्चें को दुलार प्यार दे रहे है. नवजात को घर मे आया देख ओमप्रकाश की मां मनरावती देवी और पिता राजाराम साव की खुशी देखते ही बन रही है. नवजात को देखने को लेकर लोगांे की भीड़ ओमप्रकाश के घर उमड़ी गई थी.
औरंगाबादः दीनानाथ मौआर
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