अब केंद्र के पाले में 1932 खतियान- रमेश टुडू

अगले 50 वर्ष तक झारखंड की सत्ता में रहेंगे हेमंत सोरेन

धनबाद : 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति को कैबिनेट से पारित कराकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

झारखंड की सत्ता में अगले 50 वर्षों तक काबिज रहेंगे.

इसका विरोध जो राजनेता करेंगे उनका 2024 में बोरिया बिस्तर बंध जाएगा.

गठबंधन की सरकार ने नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए गेंद को केंद्र के पाले में डाल दिया है.

अगर भाजपा एवं तमाम झारखंड नामधारी पार्टी मूलवासी आदिवासियों के हितैषी हैं तो

इसे कानून का शक्ल देने की दिशा में कदम बढ़ाएं, वरना आने वाले वक्त में मूलवासी आदिवासी जनता

इन्हें माफ नहीं करेगी. यह बातें झामुमो जिला अध्यक्ष रमेश टुडू ने झारखंड के

पितामह बिनोद बिहारी महतो के आदम कद प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद कही.

jmm 2 22Scope News

बिनोद बिहारी महतो की मनाई गयी जयंती

इससे पूर्व बिनोद बिहारी महतो के 99वें जयंती पर धनबाद जंक्शन के समीप आदम कद प्रतिमा पर

जेएमएम समेत कई पार्टी से जुड़े नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण किया.

रमेश टुडू ने कहा कि बिनोद बाबू ने लाखों लोगों में शिक्षा का अलख जगाया.

सदैव समाज को एक नयी ऊंचाई की ओर ले जाने काम किया.

झारखंड अलग राज्य में भी इनका बहुत ही अग्रणी भूमिका रही.

आजकल के युवा पीढ़ी को ऐसे महान महापुरुष के विचार को आदर्श मानकर चलना चाहिए.

1932 खतियान झारखंड में लागू

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट ने 14 सितंबर को मंत्रिमंडल की बैठक में 1932 खतियान का

प्रस्ताव पास कर दिया है. इसके तहत झारखंड में 1932 या इसके पूर्व के सर्वे के आधार पर

रह रहे लोगों को स्थानीय माना जाएगा. जो भूमिहीन होंगे या जिनके पास खतियान नहीं होगा उनको ग्राम सभा से पहचान कर स्थानीय का दर्जा दिया जाएगा.

1932 खतियान: जानें स्थानीयता कानून लागू करने का नियम

अब इस विधेयक को विधानसभा में पारित कराने के बाद नौंवी अनुसूची में शामिल करने के लिए

केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. सरकार अब इस विधेयक को पारित कराने के लिए विधानसभा का

विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में जुट गई है.

सूत्रों के अनुसार अगले हफ्ते विशेष सत्र आहूत करने की तैयारी की जा रही है.

इस विशेष सत्र में 1932 खतियान आधारित स्थानीयता नीति संबंधित विधेयक और एसटी-एससी, ओबीसी का आरक्षण बढ़ाने संबंधित विधेयक को पारित कराया जाएगा. विधानसभा से पारित कराने के बाद दोनों विधेयकों को राज्यपाल के माध्यम से केंद्र को भेजा जाएगा.

रिपोर्ट: राजकुमार जायसवाल

Saffrn

Trending News

सचिव ने मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर परियोजना का किया स्थल निरीक्षण, निर्धारित समयसीमा...

पटना : पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल द्वारा पटना शहर के अंतर्गत निर्माणाधीन मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर परियोजना का स्थल निरीक्षण किया। सचिव...

राबड़ी व तेजस्वी ने लौटाई सुरक्षा, आवास के बाहर पसरा सन्नाटा,...

पटना : बिहार की राजनीति में सुरक्षा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो...

बड़ा हादसा टला, NH-31 पर गैस सिलेंडरों से लदा टैंकर पलटा,...

कटिहार : कटिहार में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जिले के कुर्सेला थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-31 पर विषहरी स्थान के पास गैस सिलेंडरों...

MLC उम्मीदवार बनने के बाद BJP दफ्तर पहुंचे पवन, CM से...

पटना : बिहार विधान परिषद (BLC) की खाली हो रही सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। बिहार...

सुगौली में बड़ी कार्रवाई, फर्जी पुलिस बनकर ठगी करने वाला गिरफ्तार,...

मोतिहारी : मोतिहारी जिले के सुगौली थाना क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संभावित लूट की वारदात को समय रहते विफल...
Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions
Best Packaging Solution Provider of Jharkhand

Social Media

194,000FansLike
27,500FollowersFollow
628FollowersFollow
695,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img