औरंगाबाद : अगर समय पर इलाज मिल जाता तो महिला की जान बच जाती.
इस मौत के बाद औरंगाबाद के सदर हॉस्पिटल की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई.
मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाकर
अस्पताल परिसर में ही जमकर प्रदर्शन किया.
जिले के सदर हॉस्पिटल में चिकित्सक के अभाव में एक महिला की जान चली गई.
जबकि यह जिला का मॉडल हॉस्पिटल है. हालांकि जिला अस्पताल की व्यवस्था यह है तो
और जिला के अन्य प्रखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था क्या होगा. इससे आप खुद ही अनुमान लगा सकते है.
महिला की जान: डॉक्टर के अभाव में महिला की हुई मौत
जिले के सबसे बड़े अस्पताल सदर अस्पताल में दानी बिगहा की रहने वाली
एक महिला की जब तबीयत बिगड़ी तो उसे इलाज़ के लिये सदर अस्पताल लाया गया
जहां उस समय अस्पताल में कोई भी चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे.
जिसके कारण महिला का समय से इलाज़ नहीं हो सका और इलाज़ के अभाव में महिला की मौत हो गई.
परिजनों ने जमकर काटा बवाल
महिला की मौत के लगभग 45 मिनट बाद चिकित्सक वहां पहुंचे.
लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. चिकित्सक ने औपचारिकता निभाते हुये मरीज को मृत घोषित कर दिया.
परिजनों को जैसे ही मरीज की मौत की खबर मिली वैसे ही आक्रोशित परिजनों ने
अस्पताल परिसर में ही जमकर बवाल काटने लगे.
महिला की जान: दोषी चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग
आक्रोशित परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर चिकित्सक ने मरीज का उपचार नहीं कर सके, जिसके कारण मरीज की मौत हो गई. हालांकि परिजनों ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की गई और दोषी चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग की है. वहीं इस मामले पर सदर अस्पताल के प्रबंधक ने बताया कि अस्पताल में निर्माण कार्य चल रहा है. जिसके कारण मेन गेट से आने जाने का रास्ता बंद रहता है. जिसकी वजह से डॉक्टर को आने में थोड़ी देर हो जाती है. इसे जल्द ही दुरुस्त कर लिया जायेगा.
रिपोर्ट: दीनानाथ मौआर
Highlights


