मुख्यमंत्री के बयान से गठबंधन के सहयोगियों ने किया किनारा

रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरोन के इस बयान पर कि ‘अविभाजित बिहार में झारखंड की महिलाओं के साथ गलत काम करने वाले भोजपुरी और मगही बोलते थे, झारखंड के आंदोलन के समय भोजपुरी में गालियां दी जाती थी, इन दोनों भाषाओं का झारखंड के आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है और ये बिहार की भाषाएं है’ अब गठबंधन के सहयोगी भी कन्नी काटते नजर आ रहे है. रामेश्वर उरांव ने कहा है कि इस मामले में मुख्यमंत्री से प्रतिक्रिया लेना ही उचित होगा. जेएमएम कोटे से मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा की बयान में कोई ऐसी बड़ी बात नहीं, जिससे कि इतना बड़ा भूचाल आ जाय. यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री ने किस परिप्रेक्ष्य में यह बातें कही है. मुख्यमंत्री ने तो झारखंड आंदोलन के समय पुलिस का जो दमनकारी रवैया था, उस पर अपनी बात रखी है. मुख्यमंत्री ने किसी व्यक्ति विशेष या क्षेत्र विशेष के बारे में किसी तरह की कोई टिप्पणी नहीं की है. मुख्यमंत्री सभी झारखंड वासियों को समान रूप से देखते है, भाषा विशेष की बात आंदोलन के संदर्भ में कहा गयी है. मिथिलेश ठाकुर ने झारखंड के बिहारीकरण को लेकर कहा कि निश्चित रूप से झारखंड एक अलग राज्य है और मैं स्वीकार करता हूं हमारा परिवार 70 वर्षों से झारखंड में रहता है और मुख्यमंत्री ने मुझे मंत्री भी बनाया है. मैं भी एक बिहारी हूं. मिथिलेश ठाकुर ने जोर देकर कहा की पिछली नियोजन नीति में भी भोजपुरी और मगही भाषा शामिल नहीं थी, लेकिन हेमंत सरकार सभी भाषा और बोलियों पर विचार कर रही है, सभी वर्गों के हितों का ख्याल रखते हुए सरकार काम करेगी, किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।

मगही और भोजपुरी पर भी किया जाएगा विचार

कांग्रेस कोटे से मंत्री आलमगीर आलम ने कहा मुख्यमंत्री के बयान को हम नहीं सुने हैं, लेकिन उनका क्या आशय है यह मुझे मालूम नहीं लेकिन यहां बहुत सारी भाषाएं बोली जाती है. मगही और भोजपुरी भाषा बोलने वाले लोग डोमिनेटिंग नेचर के होने पर आलमगीर आलम ने इसे खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. मुख्यमंत्री ने किस संदर्भ में ऐसा बयान दिया है, यह मुझे मालूम नहीं. भोजपुरी और मगही को शामिल करने पर आलमगीर आलम ने कहा कि हमारा प्रयास है कि इन भाषाओं पर भी विचार किया जाय. झारखंड राज्य के निर्माण में  सभी का प्रयास शामिल है, हर वर्ग की भागीदारी है.

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि यह किसी एक खास चैनल का इंटरव्यू है, इसे तूल देना सही नहीं है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस से डर लगती है, इसलिए बार-बार हमसे सवाल करती है.भाजपा को अपने अन्दर  अंदर झांकना चाहिए कि वह अपने समय में क्या किया था? मुख्यमंत्री जी ने जो बातें कही है उनका अपना कोई संदर्भ रहा होगा. राजेश ठाकुर ने मीडिया कर्मियों पर ही सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह आपके चैनल की बात नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री के बयान का बचाव करते हुए मामले को डायवर्ट करते रहे.

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा पलामू और कई स्थानों पर भोजपुरी और मगही  बोली जाती है, सरकार उसका भी सम्मान किया जाएगा.

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