51 हजार कच्चे बांस के सूप पर उकेरी गई मंजूषा कलाकृति

Bhagalpur-अंग जनपद की धरोहर और लोककला मंजूषा पूरे की पहचान अब पूरे विश्व में बनती जा रही है. यह लोक कला बिहुला विषहरी चांदो सौदागर पर आधारित है, भागलपुर के मंजूषा कलाकार मनोज पंडित और उनके परिवार के सदस्यों के द्वारा इस बार महापर्व छठ पर 51 हजार कच्चे बांस के डाला पर मंजूषा कलाकृति का निर्माण किया गया है.

पूरे विश्व में फैल रही लोककला मंजूषा की थाप

अब इस मंजूषा की कलाकृति सिर्फ देश ही नहीं वरन विदेश में देखने को मिलेगी. मंजूषा गुरु के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले मनोज पंडित के निर्देशन में उनके परिजनों के द्वारा 51 हजार कच्चे बांस के सूप व डाला पर अंग की लोक कला संस्कृति उकेरने जा रहा है, जिसके बाद इसे कई राजनेता, आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के घर भेजा गया है साथ ही 108 सूपों को मंजूषा की कलाकृति देकर विदेशों में भी भेजा गया है. सूप पर बने मंजूषा की पेंटिंग लोगों का दिल जीत रही है.

मंजूषा प्रशिक्षक मनोज को मिले हैं कई सम्मान

मनोज पंडित बताते हैं कि मंजूषा कला यह हमारी पुस्तैनी पेश है.

हमारे पूर्वज भी यही करते आये हैं. हमलोग छठ पर्व पर सूप,

डाला, दीपक, कलश पर मंजूषा बनाते आ रहे हैं.

खुशी की बात यह है कि अब बांस आर्ट को भी

भारत सरकार ने शिल्प की श्रेणी में शामिल कर लिया

रिपोर्ट- अंजनी कुमार कश्यप भागलपुर

Patna Food Safety Raid: पटना के पिस्ता हाउस और पाइरेट्स ऑफ...

Patna Food Safety Raid: आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा विभाग ने 10 अक्टूबर 2026 को...

Manpur Patwatoli Weavers: बिहार के बुनकरों को मिलेगी नई सुविधा! मानपुर...

Manpur Patwatoli Weavers: बिहार के प्रसिद्ध वस्त्र निर्माण केंद्र मानपुर पटवाटोली में बुनकरों और पावरलूम उद्योग को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में...

Bihar Seva Sankalp Competition: बिहार के विद्यार्थी बने देश में अव्वल!...

Bihar Seva Sankalp Competition, पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को पटना के बापू सभागार में...