झारखंड शराब घोटाला मामले में बाबूलाल मरांडी की CBI जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
Jharkhand Liquor Scam रांची: झारखंड में हुए कथित शराब घोटाले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
खंडपीठ ने सरकार से याचिका की मेंटेनेबिलिटी यानी याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं, इस पर जवाब मांगा है। इसके अलावा याचिका से जुड़े अन्य तथ्यों पर भी राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
Jharkhand Liquor Scam:एक अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
प्रार्थी का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से शराब घोटाले की जांच में देरी का मुद्दा उठाया गया।
प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य में बड़े पैमाने पर शराब घोटाला हुआ है और इसकी जांच एसीबी द्वारा की जा रही है। आरोप लगाया गया कि जांच शुरू हुए करीब 14 महीने बीत जाने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ एसीबी की ओर से आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है।
Key Highlights
झारखंड शराब घोटाले की CBI जांच की मांग वाली PIL पर हाईकोर्ट में सुनवाई
राज्य सरकार को याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर जवाब दाखिल करने का निर्देश
सरकार से मामले से जुड़े तथ्यों पर भी जवाब मांगा गया
मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी
बाबूलाल मरांडी ने एसीबी जांच में देरी का आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग की
Jharkhand Liquor Scam:बाबूलाल मरांडी ने CBI जांच की मांग की
बाबूलाल मरांडी ने अपनी जनहित याचिका में शराब घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। याचिका में दावा किया गया है कि कथित घोटाले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी समेत कई हाई प्रोफाइल लोग शामिल हैं।
याचिका के अनुसार, शराब घोटाले को लेकर एसीबी ने वर्ष 2025 में प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी, लेकिन बाद में उन्हें डिफॉल्ट बेल मिल गई। प्रार्थी का आरोप है कि जांच में लीपापोती की जा रही है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।


















