रांची : पंकज मिश्रा के जमानत- साहेबगंज जिले में अवैध खनन और टेंडर मैनेज करने के आरोप में
जेल में बंद सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के जमानत पर
26 नवंबर को फ़ैसला आएगा. कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है.
खराब स्वास्थ्य के आधार पर बेल देने का आग्रह
जमानत याचिका में सुनवाई के दौरान पंकज मिश्रा के वकील ने अदालत के समक्ष पंकज के मेडिकल ट्रीटमेंट से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किये और खराब स्वास्थ्य के आधार पर बेल देने का आग्रह किया है. वहीं ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने बहस करते हुए पंकज मिश्रा के अधिवक्ता की दलीलों का पुरजोर विरोध किया, और अदालत से आग्रह किया था कि जमानत नहीं दी जाए.
19 जुलाई को ईडी ने किया था गिरफ्तार
आपको बता दें कि ईडी ने पंकज मिश्रा को 19 जुलाई को गिरफ्तार किया था. तीसरी बार समन भेजने के बाद पंकज मिश्रा ईडी कार्यालय पहुंचे थे. ईडी ने आठ घंटे की कड़ी पूछताछ के बाद अवैध खनन मामले में गिरफ्तार पंकज को गिरफ्तार कर लिया था. पूर्व के दो बार भेजे गए समन पर स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पंकज मिश्रा ईडी कार्यालय नहीं पहुंचे थे. इससे पहले ईडी ने साहेबगंज में पंकज मिश्रा और उनके सहयोगियों के बैंक खातों को सीज किया था. ईडी की टीम ने 36 करोड़ से अधिक रुपये को इस मामले में सीज किया था.
चार जून को दर्ज किया गया था केस
बता दें कि इस मामले में पंकज मिश्रा पर चार जून को केस दर्ज किया था. उनपर साहिबगंज जिले के बरहरवा थाने में वर्ष 2020 में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इसके तहत उन्हें अभियुक्त बनाया गया है. इस मामले में ईडी ने शंभु नंद कुमार का बयान भी दर्ज किया था. शंभु ने ईडी को दिये अपने बयान में राज्य के कैबिनेट मंत्री आलमगीर आलम का नाम लिया था. साहिबगंज के बरहरवा में जून 2020 के टेंडर विवाद में एक केस दर्ज किया गया था. जिसे ईडी ने टेकओवर किया है.
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