Jharkhand Rajya Sabha Election 2026: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। नामांकन के अंतिम दिन झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और INDIA गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे। इन तीनों उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने के साथ ही राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
नामांकन के बाद, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के केंद्रीय सचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने झारखंड से कभी भी किसी दलित नेता को राज्यसभा नहीं भेजा है। उन्होंने कहा कि बैद्यनाथ राम न केवल स्थानीय नेता हैं, बल्कि दलित समुदाय की सशक्त आवाज भी हैं। राज्यसभा में उनका प्रवेश झारखंड के दलित समुदाय को प्रभावी प्रतिनिधित्व प्रदान करेगा।
Jharkhand Rajya Sabha Election 2026 : नामांकन के बाद झारखंड में तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
सुप्रियो भट्टाचार्य ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी के नामांकन पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नामांकन दाखिल करना और चुनाव जीतना दो अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने भाजपा से यह स्पष्ट करने की भी मांग की कि उसके विधायक किस उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।
इसी बीच, निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने अपनी जीत को लेकर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि वे जोड़-तोड़ की राजनीति में विश्वास नहीं रखते और उन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों तथा समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। नाथवानी ने कहा कि पिछले दो कार्यकालों के दौरान उन्होंने झारखंड के विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
सामाजिक प्रतिनिधित्व बनाम विकास का मुद्दा बना केंद्र में
इस बार राज्यसभा चुनावों में सामाजिक प्रतिनिधित्व और विकास प्रमुख मुद्दे बनकर उभरे हैं। जहां भारतीय गठबंधन बैद्यनाथ राम को सामाजिक न्याय और दलित प्रतिनिधित्व के प्रतीक के रूप में पेश कर रहा है, वहीं परिमल नथवानी अपने विकास कार्यों और अनुभव के आधार पर समर्थन जुटा रहे हैं।
अब सबकी निगाहें राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव में सामाजिक कारक भूमिका निभाते हैं या विकास के मुद्दे जन प्रतिनिधियों को अधिक प्रभावित करते हैं। राज्यसभा चुनाव से संबंधित राजनीतिक गतिविधियां आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।
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