आदित्य साहू ने CM Hemant पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- झारखंड में आदिवासी अस्मिता,जल ,जंगल,जमीन के व्यापारी हैं हेमंत सोरेन

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CM Hemant
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Jharkhand: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम् सांसद आदित्य साहू ने CM Hemant Soren द्वारा असम की एक जनसभा में दिए गए भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। आदित्य साहू ने कहा कि असम में आदिवासी हित ,अधिकार की बात करने वाले CM Hemant झारखंड में उसका 10% भी जमीन पर उतार देते तो राज्य का भला हो जाता। लेकिन इनकी कथनी और करनी में दोहरा चरित्र उजागर होता है।

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CM Hemant से पूछे सवाल

उन्होंने आगे कहा कि पिछले साढ़े 6 वर्षों में राज्य में सत्ता संभाल रहे CM Hemant सोरेन जी को बताना चाहिए कि उन्होंने राज्य के आदिवासियों के लिए क्या किया? जल, जंगल जमीन की लूट पर क्या किया। आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत पर हो रहे लगातार हमले को रोकने के लिए क्या किया। दो दिन पहले देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन महामहिम राष्ट्रपति महोदया जो झारखंड की नातिन हैं,जनजाति समाज की बेटी हैं का पश्चिम बंगाल की धरती पर अपमान हुआ लेकिन हेमंत सोरेन जी ने एक छोटी प्रतिक्रिया भी नहीं दी। कहां गया आदिवासी समाज के सम्मान का दर्द। मौन के पीछे आखिर कौन सी राजनीतिक मजबूरी रही।

आदिवासियों के बारे में नहीं सोच रही सरकार

कहा कि रोज रोज आदिवासी बहन बेटियों की इज्जत झारखंड की धरती पर लूटी जा रही है, होनहार आदिवासियों की हत्याएं हो रही हैं लेकिन राज्य सरकार लाचार विवश बैठी है। एक एफआईआर तक सामान्य तरीके से दर्ज नहीं होते। राज्य में पिछले वर्ष  हूल दिवस पर सिदो कान्हो के वंशजों को पूजा करने से रोका गया। उसके पहले सिदो कान्हो के वंशज रामेश्वर मुर्मु की हत्या हुई । चाईबासा में 7 आदिवासियों  का सिर धड़ से अलग कर दिया गया। रूपा तिर्की की हत्या हुई,एक दरोगा बेटी को कुचलकर मार दिया गया।लेकिन हेमंत सरकार अपराधियों पर लगाम नहीं लगा सकी।

राज्य के खनिज संसाधन,बालू,कोयला , पत्थर को राज्य सरकार दलाल बिचौलियों से लुटवाने में जुटी हुई है…

कहा कि राज्य में आदिवासियों की जमीन को बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठिए कब्जा कर रहे और हेमंत सरकार घुसपैठियों का संरक्षण कर रही। राज्य के खनिज संसाधन,बालू,कोयला , पत्थर को राज्य सरकार दलाल बिचौलियों से लुटवाने में जुटी हुई है। कहा कि पेसा कानून के नाम पर हेमंत सरकार  ने एक्ट की मूल भावना को ही मिटा दिया। उसकी आत्मा ही मार दी। कहा कि आज व्यापारी समाज को गाली देने वाले हेमंत सोरेन की पार्टी ने झारखंड की अस्मिता,आंदोलन का ही व्यापार कर दिया था।

और सत्ता की भूख ऐसी है कि झारखंड आंदोलन को खरीदने,बोली लगाने वाले के साथ गलबहियां डालकर सत्ता सुख भोग रहे। यही है झामुमो की नैतिकता। जिस पार्टी ने आदिवासियों पर गोलियां चलाई ,लोगों को मरवाए वही पार्टी आज झारखंड की हितैषी हो गई और जिसने अलग राज्य का सपना साकार किया वह पार्टी इनकी नजरों में झारखंड विरोधी हो गई।

कहा कि असम की जनता को दिग्भ्रमित करना बंद करें मुख्यमंत्री। जनता इनकी हकीकत जानती है।

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