जनार्दन सिंह की रिपोर्ट
रांची : Hemant Soren ने झारखंड में चौथी बार सीएम बनकर रचा इतिहास, हार से शुरू हुई थी सियासी पारी। झारखंड की सियासत में गुरूवार का दिन एक नया रिकार्ड बनाने वाला रहा। इस राज्य में तीन सियासी चेहरे 3-3 बार सीएम रहे लेकिन Hemant Soren अकेले ऐसे सियासी चेहरा बने हैं जो चौथी बार सीएम बने हैं।
कहा जाता है कि रिकार्ड वही बनाता है जो पटखनी खाने का स्वाद चखा हो। कुछ ऐसा ही Hemant Soren के साथ भी रहा है। वर्ष 2005 में Hemant Soren ने जब सियासी पारी शुरू की तो दुमका विधानसभा सीट से मैदान में उतरे लेकिन स्टीफन मरांडी के खिलाफ अपना पहला चुनाव वह हार गए थे।
उस हार से मिले सियासी सबक के बाद फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ..और आज 28 नवंबर को राज्यपाल संतोष गंगवार ने जैसे ही सीएम के रूप में Hemant Soren को शपथ दिलाई तो झारखंड की सियासत में उन्होंने नया इतिहास रच दिया।
झारखंड के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। इस नए नवेले राज्य के 24 साल के इतिहास में 3 चेहरे 3-3 बार सीएम रह चुके हैं। इनमें Hemant Soren के पिता शिबू सोरेन, भाजपा नेता अर्जुन मुंडा और खुद Hemant Soren शामिल हैं।
राज्यसभा गए, सीएम बनने से पहले डिप्टी भी रहे थे…
बतौर सीएम झारखंड में नया रिकार्ड बनाने वाले Hemant Soren ने अपने सियासी पारी की शुरूआत में मिले झटक से मिले सबक को जाया नहीं जाने दिया। जून 2009 में Hemant Soren झारखंड से ही राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हुए।
हालांकि उसी वर्ष यानी वर्ष 2009 के अंत में हुए झारखंड विधानसभा चुनाव में Hemant Soren दुमका सीट से उतरे और विधायक चुने गए। और विधायक निर्वाचित होते ही Hemant Soren ने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी। खास बात यह कि Hemant Soren को सियासत विरासत में मिली।
उनके पिता शिबू सोरेन खुद 3 बार झारखंड के सीएम रहे। इसके अलावा Hemant Soren के बड़े भाई दिवंगत दुर्गा सोरेन भी विधायक थे। वर्ष 2009 में विधायक बनने के बाद Hemant Soren का सियासी सिक्का झारखंड की सियासत में चल पड़ा।
सीएम अर्जुन मुंडा के तीसरे कार्यकाल में सितंबर 2010 से जनवरी 2013 तक Hemant Soren ने झारखंड डिप्टी सीएम के रूप में काम करने का अनुभव हासिल किया। उसके बाद कांग्रेस और राजद के समर्थन से Hemant Soren झारखंड के सीएम बन गए।

वर्ष 2013 में पहली बार झारखंड की सत्ता Hemant Soren ने संभाली…
जुलाई 2013 में Hemant Soren ने पहली बार झारखंड के सीएम के रूप में शपथ ली थी और तब Hemant Soren का पहला कार्यकाल करीब 17 महीने का रहा था। उसके बाद 2014 में हुए झारखंड विधानसभा चुनाव में जेएमएम को हार का सामना करना पड़ा था। तब झारखंड में भाजपा को जीत मिली थी लेकिन Hemant Soren बरहेट सीट से जेएमएम के विधायक चुने गए।
रघुबर दास सरकार के दौरान जनवरी 2015 से दिसंबर 2019 तक झारखंड विधानसभा में Hemant Soren ने नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभाई।
झारखंड में पिछला विधानसभा चुनाव 2019 में हुआ था। उसमें हेमंत सोरेन के जेएमएम को जीत मिली। फिर जेएमएम ने कांग्रेस और राजद के साथ मिलकर राज्य में महागठबंधन की सरकार बनाई और 29 दिसंबर 2019 को Hemant Soren ने दूसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
बतौर सीएम Hemant Soren का दूसरा कार्यकाल काफी चुनौतियों वाला रहा। वर्ष 2022 में चुनाव आयोग ने झारखंड के तब के राज्यपाल रमेश बैस को एक याचिका पर अपनी राय भेजी थी जिसमें कहा गया था कि सीएम हेमंत सोरेन को खुद को एक खनन पट्टा देकर चुनावी कानून का उल्लंघन करने के लिए विधायक के रूप में अयोग्य ठहराया जाए।
फिर 31 जनवरी 2024 को भूमि घोटाले के आरोपों के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने Hemant Soren को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से ऐन पहले Hemant Soren ने पद से इस्तीफा दिया और बीते जून महीने में जमानत मिली तो बीते 4 जुलाई को Hemant Soren तीसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बन गए।

Hemant Soren के बचपन से लेकर सियासी सफर की गाथा एकनजर में…
गुरूवार को चौथी बार बेटे Hemant Soren को शपथ लेकर रिकार्ड बनाते हुए देखने के लिए पिता शिबू सोरेन और माता रूपी सोरेन भी पहुंचे। ऐसे में Hemant Soren के अब तक के सफर का पूरा रील झारखंडवासियों के जेहन में कौंधना लाजिमी है। जेएमएम यानी झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता Hemant Soren झारखंड के 3 बार के सीएम रहे शिबू सोरेन के बेटे हैं।
Hemant Soren का जन्म 10 अगस्त 1975 को शिबू सोरेन और रूपी सोरेन के घर हुआ था। Hemant Soren ने 1990 में पटना के एमजी हाई स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई की। उसके बाद 1994 में पटना हाई स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।
Hemant Soren ने रांची के बीआईटी (मेसरा) में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया, लेकिन कुछ कारणों से पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए। फिर Hemant Soren ने इंजीनियरिंग फर्मों के साथ काम किया। Hemant Soren की शादी कल्पना सोरेन से हुई है और उनके दो बेटे हैं।
Hemant Soren की पत्नी कल्पना भी इस चुनाव में गांडेय विधानसभा सीट से जीती हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में Hemant Soren के जेएमएम के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 81 सदस्यीय विधानसभा में 56 सीटें हासिल करके जीत दर्ज की। महागठबंधन ने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 24 सीटों पर ही सीमित कर दिया।
Hemant Soren ने बरहेट सीट से चुनाव लड़ा और भाजपा के गमलील हेम्ब्रोम को 39 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया।


















