रांची: गुमला में लगभग खत्म हो चुके नक्सलियों ने एक बार फिर दहशत मचाया है.इस दहशत के जरिये नक्सलियों ने इलाके में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है.8 से ज्यादा गाड़ियों को नक्सलियों ने फूंक दिया.प्रोजेक्ट साइट पर बमबाजी की भी खबर. नक्सली फिर दहशत मचाने लगे हैं.
तांडव मचा रहे हैं.दहशतगर्दी ऐसी कि.बेधड़क गाड़ियों को फूंक रहे हैं.और जाते जाते पर्चा छोड़कर धमकी दे रहे हैं कि.काम करोगे तो लेवी देनी होगी.
जिले में बड़े नक्सलियों के खात्मे और सरेंडर के बाद गुमला में लाल आतंक से निजात की हवा चलने लगी थी.लेकिन फिर से इस लाल आतंक ने यहां तांडव मचाया है.
घाघरा के सेरेंगदाग में नक्सलियों ने बड़ी दस्तक देकर अपनी मौजूदगी दिखाई है.संभवत: लेवी और दहशत फैलाने के मकसद से नक्सलियों ने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया है.
नक्सलियों के इस तांडव में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं, लेकिन लाल आतंक के दहशतगर्दी का ये मकसद काम आ गया.और माइंस में काम करने वाले मजदूर इस हादसे से डरे हुए हैं
हिंडाल्को प्रोजेक्ट में लगी गाड़ियों को लगाई आग
नक्सलियों ने सेरेंगदाग में हिंडाल्को के प्रोजेक्ट को निशाना बनाया है.प्रोजेक्ट की साइट पर लगे हाइवा, ट्रक,वैन समेत 8 से ज्यादा गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया.
सेरेंगदाग बॉक्ससाइट माइंस के सतकोणा में हमला कर नक्सलियों ने गाड़ियों को फूंकने से पहले बमबाजी भी की.और खबरों की माने तो प्रोजेक्ट में काम करने वाले मजदूरों को डराया-धमकाया.
और जाते-जाते पर्चा भी छोड़ दिया.नक्सलियों के इस पर्चे में लिखा है कि.उत्खनन करने वाले कंपनी वाले होश में आ जायें.और ये समझने की भूल ना करें कि..पार्टी समाप्ट हो गई है.नक्सलियों के पर्चे में जनता क मूलभूत समस्याओं को दूर करना का भी जिक्र है.
नक्सलियों के कमांडर के मारे जाने के बाद शांत था इलाका
जानकारी ये भी सामने आ रही है कि सेरेंगदाग में हिंडाल्को के प्रोजेक्ट में दहशत मचाने दो बाइक पर सवाल 6 नक्सली आये थे.और प्रोजेक्ट में आते ही दहशत मचाने के लिए पहले बमबाजी की.
और फिर प्रोजेक्ट में लगी 8 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया.माओवादी के रीजनल कमांडर रविंद्र गंझू के दस्ते की ओर से इस वारदात को अंजाम देने की बात कही जा रही है.
हलांकि वारदात के बाद घाघरा और बिशुनपुर की पुलिस मौके पर पहुंची.और मामले की जांच शुरू कर दी.हाल के दिनों में दो इनामी नक्सली कमांडर के मारे जाने के बाद माना ये जा रहा था कि गुमला में नक्सली गतिविधियां लगभग खत्म हो गई है.लेकिन इस वारदात के जरिये नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी मौजूदगी दिखाई है.

















