कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में AIMIM की एंट्री से नहीं पड़ेगा फर्क- राजद

कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में AIMIM की एंट्री से नहीं पड़ेगा फर्क- राजद

पटना : बिहार में मोकामा और गोपालगंज उपचुनाव परिणाम के बाद अब कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव

को लेकर सियासी संग्राम शुरू हो गया है. सभी पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गई है.

वहीं राजद कोटे के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री इसराइल मंसूरी से जब पूछा गया कि

एआईएमआईएम ने भी विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है, तो इस पर

उन्होंने कहा कि इससे मुसलमान वोटर कहीं भी जाने वाले नहीं हैं.

एआईएमआईएम (AIMIM) की एंट्री से कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

बिहार के सभी लोग महागठबंधन के साथ हैं. भले गोपालगंज में एआईएमआईएम को

12000 से ज्यादा वोट पड़े हैं, इससे कुछ भी फर्क नहीं पड़ने वाला है. उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव बिहार से लेकर देश में जहां-जहां जा रहे हैं वहां-वहां का जनता उनको नेता मान रही है.

17 नवंबर तक होगा नामांकन

कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव का नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. 17 नवंबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे और इनकी जांच 18 नवंबर को होगी. नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 21 नवंबर है और मतदान 5 दिसंबर को होगा. काउंटिंग 8 दिसंबर को होगी. वहीं, सभी राजनीतिक दल अलग-अलग दावे कर रहें हैं. वोट बैंक समीकरण के हिसाब से सभी दल जीत के दावे कर रहे हैं.

उपचुनाव में महागठबंधन के प्रत्याशी की होगी जीत- विजय चौधरी

इससे पहले जेडीयू नेता वित्त मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में महागठबंधन के प्रत्याशी ही चुनाव जीतेंगे. महागठबंधन दल का जो भी प्रत्याशी होगा उसके लिए सभी महागठबंधन के दल चुनाव प्रचार करेंगे. आरजेडी ने भी जीत का दावा किया है. आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि महागठबंधन की सरकार जो कार्य कर रही हैं. इससे बिहार की जनता खुश है. काम के बदौलत ही हमें वोट मिलेगा.

अनिल सहनी को सजा होने के बाद खाली हुई सीट

बता दें कि, आरजेडी विधायक अनिल सहनी को एक मामले में सजा होने के बाद उनकी विधायकी चली गई थी. इसके बाद कुढ़नी सीट खाली हुई. कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से आरजेडी विधायक अनिल सहनी पर राज्यसभा सांसद रहने के दौरान एलटीसी घोटाले का आरोप लगा था. इस आरोप पर सीबीआई जांच कर रही थी. अनिल सहनी जब राज्यसभा सांसद बने थे तो बिना यात्रा के लाखों रुपये का घोटाला हुआ था. सीबीआई ने जांच के बाद सारे आरोपों को सत्य पाया था. इसके बाद उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी.

रिपोर्ट: राजीव कमल

Similar Posts