All India Bank Strike: पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर बैंक कर्मियों का देशव्यापी आंदोलन. 27 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल, चेक क्लीयरेंस और कैश ट्रांजैक्शन प्रभावित.
All India Bank Strike: रांची में यूनियन का ऐलान, केंद्र सरकार पर टालमटोल का आरोप
All India Bank Strike रांची: रांची के बरियातु में गुरुवार को United Forum of Bank Unions के प्रतिनिधियों ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की. मंच से प्रकाश उरांव, शशिकांत भारती, दिनेश कुमार, कुणाल कुमार, एमएल सिंह और दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि बैंक कर्मी लंबे समय से बैंकों में पांच दिवसीय वर्किंग डे की मांग कर रहे हैं, लेकिन भारत सरकार इस पर लगातार टालमटोल कर रही है. यूनियन नेताओं का कहना है कि मांग पूरी नहीं होने के कारण अब आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.
27 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल
यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि केंद्र सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में 27 जनवरी 2026 को देशभर में अखिल भारतीय बैंक हड़ताल की जाएगी. इस हड़ताल में सार्वजनिक, निजी, विदेशी, ग्रामीण और सहकारी बैंकों के लगभग 8 लाख कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे. हड़ताल के दौरान चेक क्लीयरेंस पूरी तरह बाधित रहेगी, वहीं लोन प्रक्रिया, कैश ट्रांजैक्शन और काउंटर सेवाओं पर भी असर पड़ेगा. आम ग्राहकों को बैंकिंग कार्यों में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है.
Key Highlights
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर बैंक यूनियनों का आंदोलन
27 जनवरी 2026 को देशभर में अखिल भारतीय बैंक हड़ताल
करीब 8 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में होंगे शामिल
चेक क्लीयरेंस, लोन और कैश ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा असर
पहले बनी सहमति के बावजूद सरकार पर फैसला टालने का आरोप
पहले बनी सहमति, फिर भी लागू नहीं हुआ फैसला
यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि बैंकिंग उद्योग में पांच दिवसीय सप्ताह लागू करने पर सरकार और भारतीय बैंक संघ के बीच पहले ही सहमति बन चुकी है. वर्ष 2015 में इस संबंध में द्विपक्षीय समझौता हुआ था और 7 दिसंबर 2023 को एमओयू पर भी सहमति दर्ज की गई. इसके बाद 8 मार्च 2024 को जारी संयुक्त नोट में शेष शनिवारों को अवकाश घोषित करने और सोमवार से शुक्रवार तक कार्य समय बढ़ाने का उल्लेख किया गया. इसके बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया. राज्य सचिव प्रकाश उरांव ने आरोप लगाया कि सरकार पिछले दो वर्षों से फाइल दबाकर बैठी है. मार्च 2025 में दो दिवसीय हड़ताल को सरकारी आश्वासन के बाद स्थगित किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया.
ग्राहकों को नुकसान नहीं, डिजिटल सेवाएं पहले से मजबूत
यूनियन प्रतिनिधियों का कहना है कि फिलहाल दूसरे और चौथे शनिवार पहले से ही अवकाश हैं. यदि सोमवार से शुक्रवार तक कार्य समय बढ़ाया जाता है तो ग्राहकों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा. डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन जैसी सेवाएं पहले से उपलब्ध हैं और लगातार बेहतर हो रही हैं. इसके बावजूद सरकार का निर्णय लंबित रखना बैंक कर्मियों के साथ अन्याय है.
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