अनगड़ा में डेढ़ माह की बच्ची की हत्या केस में मां सुनीता देवी को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। 2021 की इस घटना में अभियोजन पक्ष सबूत नहीं दे सका।
अनगड़ा Infant Murder Case रांची : अनगड़ा थाना क्षेत्र में डेढ़ महीने की बच्ची की हत्या मामले में ट्रायल फेस कर रही सुनीता देवी को अदालत से बड़ी राहत मिली है। अपर न्याययुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, इसलिए सुनीता देवी को बरी किया जाता है।
अनगड़ा Infant Murder Case
यह घटना 18 मार्च 2021 की है। घटना के दिन सुनीता देवी के पति भावेश्वर महतो ने अनगड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दर्ज बयान के अनुसार, सुनीता देवी ने अपने पति को फोन कर बताया था कि उनकी डेढ़ महीने की बेटी राधिका कुमारी घर से गायब है। उनका कहना था कि कोई उसे उठा कर ले गया है और काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल रहा।
Key Highlights
अनगड़ा थाना क्षेत्र की डेढ़ माह की बच्ची की हत्या केस में मां सुनीता देवी को कोर्ट ने बरी किया
अपर न्याययुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में फैसला सुनाया
पति के बयान पर 18 मार्च 2021 को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
बच्ची का शव घर के पीछे गड्ढे में जली अवस्था में मिला था
ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ठोस साक्ष्य पेश करने में असफल रहा
अनगड़ा Infant Murder Case
भावेश्वर महतो तुरंत घर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से बच्ची की खोज शुरू की। तलाश के दौरान घर के पीछे स्थित एक गड्ढे में बच्ची का शव जली हुई अवस्था में मिला। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि बच्ची को कपड़े में लपेटकर गड्ढे में जलाया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सुनीता देवी से पूछताछ की और पूरे मामले में वही मुख्य आरोपी बनीं।
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हालांकि, ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष सुनीता देवी के खिलाफ ऐसा कोई पुख्ता सबूत प्रस्तुत नहीं कर सका जिससे यह साबित हो सके कि बच्ची की हत्या में उनकी भूमिका थी। कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अभियोजन का पक्ष कमजोर पाया गया। अदालत ने कहा कि संदेह के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने सुनीता देवी को बरी करने का आदेश दे दिया।
अनगड़ा Infant Murder Case
इस फैसले के बाद गांव में भी मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि यह मामला शुरू से ही काफी संवेदनशील और विवादित रहा है। परिवार और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया फिलहाल सामने नहीं आई है, लेकिन मामले के निष्कर्ष ने कई सवाल भी छोड़ दिए हैं कि बच्ची की मौत के असली जिम्मेदार तक जांच कब और कैसे पहुंचेगी।
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