बिहार में शुरू हुआ एक्वाकल्चर और डेयरी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट, गेट्स फाउंडेशन ग्रामीण आजीविका को देगा नया आयाम
पटना, 16 दिसंबर : किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने मंगलवार को दो अहम कार्यक्रमों की शुरुआत की है। गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से शुरू किए गए बिहार एक्वाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम और बिहार डेयरी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट से राज्य में डेयरी और मत्स्य क्षेत्र का आधुनिकीकरण होगा।

राज्य के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने बताया कि बिहार सरकार किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पशुपालन और मत्स्य पालन को सशक्त बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और “विकसित बिहार” के लक्ष्य की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।

तकनीक आधारित विकास से डेयरी और मत्स्य क्षेत्र में आएगा बदलाव
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से इन क्षेत्रों में तकनीक आधारित सुधार किए जाएंगे, जिससे राज्य के हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। यह पहल सरकार के सात निश्चय–तीन के लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करेगी।
इस मौके पर विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयालक्ष्मी ने कहा कि गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर राज्य में पशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा डेयरी और मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सुधा के उत्पादों का निर्यात अब विदेशों में भी शुरू हो चुका है।
डेयरी ट्रांसफॉर्मेशन और एक्वाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम से आधुनिक और बेहतर प्रबंधन होगा
बिहार डेयरी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट के माध्यम से चारा सुरक्षा, पशु प्रजनन, दूध की गुणवत्ता और डेयरी उत्पादों के विकास पर ध्यान दिया जाएगा, जबकि बिहार एक्वाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम से मत्स्य क्षेत्र का आधुनिकीकरण और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा। इन दोनों कार्यक्रमों से सतत आय के नए अवसर सृजित होंगे। इस दौरान विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधि एवं विभाग के पदाधिकारी मौजूद थे।
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