बेगूसराय : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के औरंगाबाद के बाद बेगूसराय पहुंच गए हैं। पीएम के साथ बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और सीएम नीतीश कुमार के साथ एनडीए के सभी बड़े नेता मौजूद हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज यहां से बिहार सहित, पूरे देश के लिए एक लाख 60 हजार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। एक ही कार्यक्रम में सरकार का इतना बड़ा निवेश ये दिखाता है कि भारत का सामर्थ्य कितना बढ़ रहा है। इससे बिहार के नौजवानों को यहीं पर नौकरी के अनेकों नए अवसर बनेंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज के ये प्रोजेक्ट, भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने का माध्यम बनेंगे। आज की ये परियोजनाएं बिहार में सुविधा और समृद्धि का रास्ता बनाएंगी। ऐसे ही काम हैं, जिसके कारण आज देश पूरे विश्वास से कह रहा है कि अबकी बार एनडीए 400 पार। इतिहास गवाह रहा है, जब-जब बिहार और ये पूर्वी भारत समृद्ध रहा है, तब-तब भारत भी सशक्त रहा है। जब बिहार में स्थितियां खराब हुईं, तो देश पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ा। इसलिए मैं बेगुसराय से पूरे बिहार की जनता को कहता हूं कि बिहार विकसित होगा, तो देश भी विकसित होगा। ये वादा नहीं है मिशन है, संकल्प है।
पीएम ने कहा कि पुरानी सरकारों की बेरुखी के कारण बरौनी, सिंदरी, गोरखपुर, रामागुंडम के खाद कारखाने बंद पड़ गए थे। आज ये सारे कारखाने यूरिया में भारत की आत्मनिर्भरता की शान बन रहे हैं। इसलिए तो देश कहता है- मोदी की गारंटी यानी गारंटी पूरा होने की गारंटी। राष्ट्रहित और जनहित के लिए समर्पित मजबूत सरकार ऐसे ही फैसले लेती है। जब परिवारहित और वोटबैंक से बंधी सरकारें होती हैं, तो वो क्या करती हैं, ये बिहार ने भुगता है। उन्होंने आगे कहा कि 2014 से पहले के 10 वर्षों में रेलवे के नाम पर, रेल के संसाधनों को कैसे लूटा गया, पूरा बिहार जानता है। लेकिन आज देखिए, पूरी दुनिया में भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की चर्चा हो रही है। भारतीय रेल का तेजी से बिजलीकरण हो रहा है। हमारे रेलवे स्टेशन भी एयरपोर्ट की तरह सुविधाओं वाले बन रहे हैं।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिहार ने दशकों तक परिवारवाद का नुकसान देखा है, परिवारवाद का दंश सहा है। परिवारवाद और सामाजिक न्याय, ये एक दूसरे के घोर विरोधी हैं। परिवारवाद, विशेष रूप से नौजवानों का, प्रतिभा का सबसे बड़ा दुश्मन है। यही बिहार है, जिसके पास भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की एक समृद्ध विरासत है। सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार, यहां इसी विरासत को आगे बढ़ा रही है। सच्चा सामाजिक न्याय सैचुरेशन से आता है। सच्चा सामाजिक न्याय, तुष्टिकरण से नहीं संतुष्टिकरण से आता है। मोदी ऐसे ही सामाजिक न्याय, ऐसे ही सेकुलरिज्म को मानता है।


