1932 के खतियान के खिलाफ प्रतिकार सभा
Ranchi- 1932 के खतियान के खिलाफ अखिल भारतीय भोजपुरी, मगही, अंगिका और मैथिली मंच ने
प्रतिकार सभा करने की घोषणा की है.
अखिल भारतीय भोजपुरी, मगही, अंगिका और मैथिली मंच के सचिव सुबोध ठाकुर ने इसकी जानकारी देते हुए
कहा है कि भोजपुरी, मगही, अंगिका सहित हिंदी की अस्मिता बचाने के लिए एतिहासिक प्रतिकार सभा
का आयोजन किया जाएगा. हटिया, बॉस्को नगर में जनजागरण अभियान मंच की बैठक
में हरमू के विद्यानगर मैदान में प्रतिकार सभा करने का निर्णय लिया गया.
भोजपुरी, मगही भाषा-भाषियों से प्रतिकार सभा में शामिल होने की अपील
मंच के अध्यक्ष कैलाश यादव ने सभी भोजपुरी, मगही, अंगिका और मैथिली भाषा भाषियों से प्रतिकार सभा
से शामिल होने की अपील किया है. कैलाश यादव ने कहा कि 1932 के खतियान के खिलाफ प्रतिकार सभा का उद्देश्य इन भाषाओं को मान सम्मान देने की है.
यह हमारा संविधानिक हक है.
हर हिन्दुस्तानी अपनी भाषा में लिखने पढ़ने के स्वतंत्र है,
इन भाषाओं को एक राज्य विशेष से हटाया नहीं जा सकता.
वह भी तब जब हमारे पूर्वज पीढ़ियों से यहां निवास कर रहे हैं
इस बैठक में राजकिशोर सिंह, सरजू प्रसाद सुरेश सिंह, राजीव रंजन, चंद्रिका प्रसाद, प्रेमशंकर सिंह कमल,
ओझा बैजनाथ यादव अरुण यादव, लालदेव तिवारी, पंकज वर्मा, महेश तिवारी, कमलेश शर्मा भी मौजूद रहें.
रिपोर्ट शाहनवाज
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