शिकारीपाड़ा (दुमका) : अवैध माइनिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई- उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला के
नेतृत्व में जिला प्रशासन ने शिकारीपाड़ा के पत्थर औद्योगिक क्षेत्र में
अबतक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई की है.
कार्रवाई के तहत अवैध रूप से संचालित कई क्रशर, क्रशर कार्यालय और
अन्य संरचनाओं पर बुलडोजर चला कर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया.
जिले से भारी पुलिस बल के साथ गयी अधिकारियों की टीम ने
ऐसे सभी क्रशर यूनिटों पर कार्रवाई कर उन्हें ढाह दिया है जो बंद कर रखे गये थे
या जिसके वैद्य होने का कागजात दिखाने कोई सामने नहीं आया.
ऐसे क्रशरों को अवैध मानते हुए बुलडोजर चला कर उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया गया है.
उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने बताया कि अवैध खनन और
परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन की कड़ी कारवाई अभी जारी रहेगी.
सीएम हेमंत के निर्देश के बाद अधिकारी रेस
बताते चलें कि पूजा सिंघल के ईडी प्रकरण के बाद जब दुमका डीएमओ को ईडी के द्वारा समन दिया गया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अवैध खनन एवं कारोबार पर रोक लगाने का स्पष्ट निर्देश जिला अधिकारियों को दिया तो उसके बाद से ही लगने लगा था कि दुमका जिले में चल रहे अवैध पत्थर एवं कोयले के कारोबार पर कभी भी बिजली गिर सकती है.

छापेमारी के लिए 15 टीमों का गठन
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार उपायुक्त दुमका रविशंकर शुक्ला ने आज पत्थर औद्योगिक क्षेत्र में छापेमारी करने के लिए 15 टीमों का गठन किया और सभी टीमों को अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग दायित्व के साथ भेजा. शिकारीपाड़ा के पत्थर औद्योगिक एवं कोल क्षेत्र का कोई भी ऐसा कोना नहीं था जहां आज प्रशासनिक पदाधिकारी और पुलिस की टीम ना पहुंची हो. शिकारीपाड़ा पत्थर मंडी के चिरूडीह, सरस डंगाल, मकड़ा पहाड़ी, जमरूपानी, निझोर, मंझलाडीह, बेनागढ़िया समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक टीम पहुंच चुकी थी.
कभी नहीं हुई थी इतनी बड़ी कार्रवाई
बता दें कि पूरे शिकारीपाड़ा क्षेत्र को छावनी में तब्दील हो गया था. इसके बाद अवैध क्रशरों को ध्वस्त करने का सिलसिला शुरू हुआ. जिस भी क्रशर या खदान में कोई कागजात नहीं पाया गया या प्रस्तुत नहीं किया गया उसे अवैध मानते हुए क्रशर एवं खदान के ऑफिस को ध्वस्त कर दिया गया. शिकारीपाड़ा के पत्थर औद्योगिक क्षेत्र के इतिहास में आज तक इतनी बड़ी कार्रवाई कभी नहीं हुई थी. हालांकि पूर्व में भी विभिन्न मुद्दों को लेकर मंडी कई महीनों तक बंद रही थी. परंतु इस बार ऐसा लग रहा है कि अवैध खनन माफियाओं की कमर पूरी तरह से टूट चुकी है और शायद ही फिर से अवैध धंधा पनप सके.
कार्रवाई में 8 लोगों की हुई गिरफ्तारी- DMO

बाद में पत्रकारों से बात करते हुए जिला खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू ने बताया कि आज कुल 65 से अधिक अनधिकृत एवं अवैध रूप से चल रहे क्रशरों को ध्वस्त किया गया है, साथ ही 8 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है. यही नहीं कुल 3 वाहनों को शिकारीपाड़ा थाने लाया गया, जिसकी कागजातों की जांच चल रही है. जांच उपरांत उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी. एक प्रश्न के उत्तर में जिला खनन पदाधिकारी ने कहा कि यह प्रशासन एवं जिला टास्क फोर्स की नियमित कार्रवाई है, और आगे भी इसी तरह अवैध रूप से खनन एवं कारोबार करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी.
टीम में ये अधिकारी थे शामिल
जिला टास्क फोर्स के साथ-साथ 14 टीमों में बंटे छापामारी दल में दुमका उपायुक्त रविशंकर शुक्ला एवं डीडीसी के अलावे पुलिस अधीक्षक दुमका अंबर लकड़ा, एसडीएम महेश्वर महतो, एसडीपीओ दुमका नूर मुस्तफा अंसारी, जिला खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू, अंचलाधिकारी शिकारीपाड़ा राजू कमल, थाना प्रभारी शिकारीपाड़ा समेत लगभग 200 की संख्या में पदाधिकारी एवं पुलिस बल शामिल थे.
रिपोर्ट : सद्दाम हुसैन
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