Bihar Cabinet Decisions, पटना: बिहार कैबिनेट की बैठक में विकास, ऊर्जा, सड़क, पर्यटन, कानून-व्यवस्था और सामाजिक योजनाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। सरकार ने बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के प्रारूप को स्वीकृति देने के साथ बिजली आपूर्ति, माप-तौल व्यवस्था, पुलिस संसाधन, पोषण और आवास से जुड़ी कई योजनाओं पर भी फैसला लिया है। बैठक में कई सड़क परियोजनाओं की संशोधित लागत को मंजूरी दी गई। वहीं पर्यटन क्षेत्र में पटना के ताज सिटी सेंटर होटल प्रोजेक्ट को बिहार पर्यटन नीति के तहत वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
हरित हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस नीति के जरिए राज्य में हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की योजना है। सरकार का फोकस इस क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर पैदा करने और कार्बन उत्सर्जन कम करने पर है। साथ ही प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता को कम करने की दिशा में भी काम करने का लक्ष्य रखा गया है।
कैमूर-रोहतास के 21,644 घरों को मिलेगी ग्रिड बिजली
कैबिनेट ने कैमूर और रोहतास जिलों की 177 बसावटों के 21,644 घरों को बिजली ग्रिड से जोड़ने की योजना को मंजूरी दी है। यह योजना RDSS के तहत लागू की जाएगी। इसके लिए पुनरीक्षित लागत 351.85 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। पहले इस योजना की लागत 117.80 करोड़ रुपये निर्धारित थी। इसके अलावा माप-तौल व्यवस्था को लेकर बिहार विधिक माप विज्ञान GATC नियमावली, 2026 और प्रवर्तन संशोधन नियमावली को भी मंजूरी मिली है। इसके तहत जल, गैस और ऊर्जा मीटर समेत विभिन्न माप-तौल उपकरणों के सत्यापन और मुहरांकन की व्यवस्था होगी। यह प्रक्रिया थर्ड पार्टी एजेंसी के माध्यम से भी कराई जा सकेगी।

पुलिस को मिलेंगे 30 वाटर कैनन और 86 वज्र वाहन
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने 30 वाटर कैनन और 86 नए वज्र वाहनों की खरीद को मंजूरी दी है। इन संसाधनों की खरीद पर कुल 62.52 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन वाहनों का इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण, दंगा, आंदोलन और आपात परिस्थितियों से निपटने में किया जाएगा। इससे पुलिस बल को कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। वहीं वैशाली स्थित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप के संचालन के लिए 35 पदों को मंजूरी दी गई है। इन पदों पर 11 महीने या नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन किया जाएगा।
पोषण 2.0 और आवास परियोजनाओं को भी मंजूरी
कैबिनेट ने पोषण 2.0 के तहत पात्र लाभार्थियों को पारंपरिक सूखे राशन की जगह रेसिपी आधारित पोषणयुक्त खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मंजूरी दी है। इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी कॉम्फेड को दी गई है। पटना के बहादुरपुर सेक्टर-6 की जर्जर आवासीय कॉलोनी के स्व-वित्तपोषित पुनर्विकास को भी मंजूरी मिली है। इसके अलावा सेक्टर-5 में टीवी टावर के पास करीब 8.5 एकड़ जमीन पर परियोजना को स्वीकृति दी गई है। दोनों परियोजनाओं के लिए NBCC इंडिया लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने के लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड को अधिकृत किया गया है।
कई सड़क परियोजनाओं की संशोधित लागत स्वीकृत
सड़क निर्माण से जुड़े कई प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। तारापुर बाईपास की संशोधित लागत 115.90 करोड़ रुपये और रनगाँव-भागलपुरा से धौनी बाईपास की संशोधित लागत 87.63 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। इसके अलावा मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ को परसा-संपतचक मार्ग से जोड़ने के लिए 82.26 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। पथ निर्माण विभाग की सड़कों और जमीन पर बिजली, पानी, केबल और सीवर लाइन बिछाने की अनुमति से संबंधित नीति को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे ऐसी परियोजनाओं के लिए अनुमति प्रक्रिया को निर्धारित नीति के तहत संचालित किया जा सकेगा।
पर्यटन परियोजनाओं को भी मिली वित्तीय मंजूरी
पर्यटन क्षेत्र में पटना के ताज सिटी सेंटर होटल प्रोजेक्ट को बिहार पर्यटन नीति के तहत वित्तीय स्वीकृति मिली है। परियोजना की कुल लागत 213.41 करोड़ रुपये के आधार पर दूसरे चरण को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के संशोधित MOA और AOA को भी कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुरूप मंजूरी दी गई है। कैबिनेट के इन फैसलों में ऊर्जा, सड़क और पर्यटन ढांचे के विस्तार के साथ कानून-व्यवस्था, पोषण, आवास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
रिपोर्ट: संतोष कुमार तिवारी, स्वतंत्र पत्रकार
















