Bihar Data Center, पटना: बिहार में डिजिटल बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में CtrlS डेटा सेंटर का उद्घाटन किया। यह राज्य का पहला 12 मेगावाट क्षमता वाला डेटा सेंटर बताया गया है। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने डेटा सेंटर परिसर का निरीक्षण किया और वहां संचालित होने वाली डिजिटल गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से बिहार में तकनीकी विकास, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
CtrlS के साथ 10 हजार करोड़ रुपये के MoU का उल्लेख
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि उद्योग विभाग और CtrlS कंपनी के बीच 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ है। इसके माध्यम से राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने कंपनी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीधर पिन्नापुरेड्डी और उनकी टीम को बधाई देते हुए बिहार में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। यह डेटा सेंटर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत बिहार आईटी पॉलिसी 2024 के तहत स्थापित किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि ऐसी परियोजनाओं से राज्य में डिजिटल सेवाओं के विकास और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनेगा।

अगले पांच वर्षों में 1,000 मेगावाट डेटा सेंटर क्षमता का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अगले पांच वर्षों में बिहार में कम-से-कम 1,000 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने CtrlS से भी राज्य में डेटा सेंटर क्षेत्र के विस्तार की दिशा में आगे काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए बिजली, भूमि और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी संभावनाएं तलाश रही है, ताकि उद्योगों की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सके।

13 हजार एकड़ भूमि और औद्योगिक कॉरिडोर पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने लगभग 13,000 एकड़ भूमि से संबंधित प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों के विकास के लिए आधार तैयार किया जा रहा है। उन्होंने गंगा पार और हाजीपुर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण सहित अन्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में बन रहे एक्सप्रेस-वे, हाईवे और अन्य बुनियादी ढांचे को औद्योगिक विकास से जोड़कर निवेश के नए अवसर तैयार किए जाएंगे।

बिहार की अर्थव्यवस्था और राजस्व बढ़ाने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उद्योगों के विस्तार को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राज्य का बजट लगभग 3.47 लाख करोड़ रुपये है, जबकि अपना राजस्व करीब 70,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने राजस्व को बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए उद्योग, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में व्यापक विस्तार जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, BIADA के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार तथा CtrlS के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




















