Bihar Election 2025: बिहार में पहले चरण के मतदान के सम्पन्न होने के बाद से सभी पार्टियां दूसरे चरण के चुनाव को लेकर अपनी तैयारी में जुटी है. रोड शो से लेकर जनसभाएं की जा रही है. वहीं सभी की निगाहें दो बड़े गठबंधन ‘एनडीए‘ और ‘इंडी’ पर टिकी हुई है. आपकी जानकारी के लिए बता दें, दूसरे चरण का चुनाव 11 नवंबर को होगा. ये चुनाव बिहार के उन जिलों में होंगे जो अपनी सीमा यूपी के जिलों के साथ साझा करती है.
जिसको देखते हुए एनडीए का लक्ष्य यह है कि यूपी से सटी सीमावर्ती सीटों पर दलित और महादलित वोटों को एकजुट कर जीत सुनिश्चित की जाए. बता दें, बिहार में अनुसूचित जाति और महादलित समुदाय मिलाकर लगभग 18% मतदाता हैं. यदि NDA इन समुदाय को एकजुट करने में सक्षम रही, तो फिर NDA का जितना तय है.
Bihar Election 2025 – इन जिलों पर NDA की खास नजर
NDA अपनी पूरी रणनीति के साथ चल रही है. बता दें, यूपी से सटी सीमावर्ती इलाके जैसे पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर, बक्सर और कैमूर है. जो यूपी के देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, गाजीपुर, चंदौली, बलिया और सोनभद्र से अपनी सीमा शेयर करती है. जिस पर पीएम मोदी का भी खास ध्यान है. इन जिलों में दूसरे चरण का चुनाव 5 सीटों पर होगी.
चिराग का साथ आना पार्टी को दे रहा है मजबूती
आपकी जानकारी के लिए बता दें, पिछले विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने पार्टी से अलग होकर चुनाव लड़ा था. जिस वजह से महादलित और पासवान/दुसाध समुदाय के लोगों का वोट बट गया था. इस बार चिराग पासवान के साथ आने से पार्टी को मजबूती मिली है. पार्टी संभावना जता रही है कि करीब 13% महादलित और 5% पासवान/दुसाध समुदाय का वोट पार्टी को मिलेगा. जो NDA को जीत दिलाने का काम करेगा.
इस वजह से मिल सकता है एनडीए को दलितों का साथ
दलित वोट बैंक को ध्यान में रहते हुए और सभी को एक जुट करने के लिए इस बार एनडीए ने बड़ी रणनीति अपनाई है. दलित वोट को ध्यान में रखते हुए एनडीए ने अनुसूचित जाति वर्ग से कुल 39 उम्मीदवार उतारे हैं. इस चुनाव में 39 उम्मीदवार मिलकर रविदास, मुशहर, पासी, भुइया, धोबी, डोम, नट, भोगटा और कंजर जैसी जातियों को एकजुट करने का काम करेगी.
Highlights

