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Bihar Rail Projects: पटना साहिब प्रकाश पर्व पर 9 से 16 जनवरी तक चलेंगी अतिरिक्त ट्रेनें, जानिए क्या हुआ फैसला

Bihar Rail Projects, पटना: दीपावली और छठ महापर्व पर बिहार आने-जाने वाले यात्रियों की सुविधा, रेल परियोजनाओं के विस्तार और राज्य में आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। बैठक में बिहार की कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं, नई ट्रेनों के परिचालन और औद्योगिक निवेश से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इस दौरान सीतामढ़ी से अयोध्या के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। वहीं, जनवरी 2027 में पटना साहिब में आयोजित होने वाले श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 360वें प्रकाश पर्व के लिए 9 से 16 जनवरी तक अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का आश्वासन दिया गया।

बिहार के लिए 15 हजार ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीपावली और छठ महापर्व के दौरान बिहार आने वाले यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया। इस पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए सामान्य तौर पर संचालित लगभग 12 हजार ट्रेनों की तुलना में 15 हजार ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जनवरी 2027 में पटना साहिब में आयोजित होने वाले श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 360वें प्रकाश पर्व को लेकर भी विशेष तैयारी की जाएगी। इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए 9 से 16 जनवरी के बीच बिहार के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी। इससे प्रकाश पर्व में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को रेल यात्रा में सुविधा मिलेगी।

सीतामढ़ी-अयोध्या के बीच चलेगी वंदे भारत एक्सप्रेस

बैठक में बिहार की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी और अयोध्या के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव रखा, जिस पर केंद्रीय रेल मंत्री ने सहमति जताई। इस ट्रेन के परिचालन से दोनों धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के बीच यात्रियों का आवागमन आसान हो सकेगा। साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इसके अलावा बिहटा-औरंगाबाद और सुल्तानगंज-कटोरिया रेल लाइन परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाने पर भी बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई पर जोर दिया। प्रस्तावित विक्रमशिला-कटरिया रेल लाइन के तहत गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल के निर्माण के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। इस पुल से रेल और सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में मदद मिल सकती है।

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मढ़ौरा और मधेपुरा रेल कारखानों की क्षमता दोगुनी करने की योजना

मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के बीच मढ़ौरा तथा मधेपुरा स्थित रेल इंजन निर्माण कारखानों के भविष्य और उत्पादन क्षमता बढ़ाने को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। दोनों कारखानों को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की योजना पर विचार किया गया। प्रस्ताव के अनुसार, मौजूदा उत्पादन व्यवस्था वर्ष 2028 में समाप्त होने के लगभग छह महीने बाद नए स्वरूप में उत्पादन दोबारा शुरू करने की दिशा में पहल की जाएगी। साथ ही दोनों कारखानों की उत्पादन क्षमता दोगुनी करने पर भी चर्चा हुई। इससे बिहार में रेल विनिर्माण से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की संभावनाएं बन सकती हैं।

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गयाजी IMC को रेल नेटवर्क से जोड़ने पर चर्चा

बैठक में गयाजी में विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) को रेल नेटवर्क से जोड़ने का मुद्दा भी उठा। केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि यदि बिहार सरकार आवश्यक भूमि अधिग्रहण सुनिश्चित करती है, तो रेलवे डोभी-चतरा रेल लाइन से गयाजी के औद्योगिक क्षेत्र तक नई संपर्क रेल लाइन बिछाने के लिए तैयार है। इस संपर्क रेल लाइन के निर्माण से औद्योगिक इकाइयों तक कच्चा माल पहुंचाने और तैयार उत्पादों को दूसरे क्षेत्रों में भेजने में सुविधा मिल सकती है। इससे गयाजी के औद्योगिक क्लस्टर को रेल परिवहन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

बिहार में मैन्युफैक्चरिंग सिटी और सेमीकंडक्टर उद्योग की संभावनाएं

रेल परियोजनाओं के साथ बैठक में बिहार को इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और औद्योगिक विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य में एक बड़ी मैन्युफैक्चरिंग सिटी विकसित करने का सुझाव दिया। इसके लिए चमड़ा और वस्त्र उद्योग पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई, ताकि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें। राजापाकर क्षेत्र में बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। केंद्रीय मंत्री ने उपलब्ध भूमि का ए-3 आकार का विस्तृत नक्शा तैयार करने का सुझाव दिया। इसमें सड़क और रेल संपर्क, बिजली आपूर्ति लाइन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का विवरण शामिल करने की बात कही गई। इस नक्शे के आधार पर फॉक्सकॉन जैसी बड़ी कंपनी को अपनी जरूरत के अनुसार जमीन चुनने का विकल्प दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने बिहार में आईटी आधारित रोजगार बढ़ाने के लिए किसी बड़ी बीपीओ कंपनी को प्रमुख निवेशक के रूप में स्थापित कराने का भी अनुरोध किया। इसके अलावा राज्य में चल रही आईटी परियोजनाओं, विशेषकर बिहार वन परियोजना की नियमित समीक्षा करने पर भी चर्चा हुई।

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