बीआईटी के आर्किटेक्चर पाठ्यक्रम में झारखंड कोटा समाप्त होने से राज्य के छात्रों की करीब 650 सीटें कम हो गई हैं। अब दाखिला केवल ऑल इंडिया कोटा के आधार पर होगा।
BIT Architecture Admission 2026 रांचीः देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शामिल बीआईटी के आर्किटेक्चर कार्यक्रम में दाखिले को लेकर झारखंड के विद्यार्थियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। जोसा काउंसिलिंग 2026 के लिए जारी सीट मैट्रिक्स में झारखंड कोटा की सीटें शून्य कर दी गई हैं। इसके चलते राज्य के छात्रों की करीब 650 सीटें समाप्त हो गई हैं और अब उन्हें केवल ऑल इंडिया कोटा के आधार पर ही प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा करनी होगी।
Key Highlights
बीआईटी के आर्किटेक्चर कोर्स में झारखंड कोटा की सीटें शून्य कर दी गईं।
राज्य के छात्रों की लगभग 650 सीटें कम होने का अनुमान।
जोसा काउंसिलिंग 2026 के लिए सीट मैट्रिक्स जारी।
अब छात्रों को केवल ऑल इंडिया कोटा के तहत प्रतिस्पर्धा करनी होगी।
पिछले वर्ष तक होम स्टेट कोटे के तहत झारखंड के छात्रों को लाभ मिलता था।
BIT Architecture Admission 2026: सीट मैट्रिक्स में झारखंड कोटा हुआ समाप्त
जारी सीट मैट्रिक्स के अनुसार बीआईटी के आर्किटेक्चर पाठ्यक्रम में पहले झारखंड के विद्यार्थियों के लिए होम स्टेट कोटे के तहत सीटें आरक्षित रहती थीं। इससे राज्य के छात्रों को अपेक्षाकृत बेहतर अवसर मिलते थे। लेकिन नए सत्र 2026-27 के लिए जारी व्यवस्था में यह कोटा समाप्त कर दिया गया है। परिणामस्वरूप राज्य के विद्यार्थियों को अब देशभर के अभ्यर्थियों के साथ समान स्तर पर मुकाबला करना होगा।
BIT Architecture Admission 2026:पिछले वर्षों में मिलता था होम स्टेट कोटे का लाभ
पिछले वर्ष की जोसा काउंसिलिंग और सीएसएबी की प्रक्रिया में होम स्टेट कोटे के कारण झारखंड के छात्रों को पर्याप्त संख्या में सीटें मिली थीं। विभिन्न राउंड में राज्य के विद्यार्थियों को आर्किटेक्चर सहित कई पाठ्यक्रमों में विशेष लाभ मिला था। विशेषज्ञों का मानना है कि कोटा समाप्त होने से राज्य के उन छात्रों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा जो मध्यम रैंक के आधार पर प्रवेश की उम्मीद कर रहे थे।
BIT Architecture Admission 2026: प्रवेश प्रक्रिया में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार अब झारखंड के छात्रों को सीट प्राप्त करने के लिए ऑल इंडिया रैंक के आधार पर अधिक मजबूत प्रदर्शन करना होगा। सीटों की संख्या घटने से कटऑफ में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे विशेष रूप से उन विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है जो बीआईटी के आर्किटेक्चर कार्यक्रम को अपनी प्राथमिक पसंद मानकर तैयारी कर रहे हैं।
राज्य सरकार और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि इस निर्णय के प्रभाव का विस्तृत अध्ययन किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे झारखंड के विद्यार्थियों के लिए उच्च तकनीकी शिक्षा संस्थानों तक पहुंच प्रभावित हो सकती है। फिलहाल दाखिले की पूरी प्रक्रिया ऑल इंडिया कोटा के तहत ही संचालित की जाएगी।
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