बीजेपी विधायकों की आज सुबह फिर होगी बैठक

बीजेपी विधायकों की आज सुबह फिर होगी बैठक, विशेष सत्र के लिए बनेगी रणनीति

सीएम हेमंत को अपने विधायकों में भरोसा नहीं- बाबूलाल मरांडी

रांची: झारखंड विधानसभा में आज विशेष सत्र है. यह सत्र सुबह 11 बजे से होगी.

जिसमें सत्तारुढ़ पार्टी और विपक्षी पार्टी के विधायक शामिल होंगे.

लेकिन इससे पहले आज सुबह बीजेपी विधायकों की बैठक होगी. जिसमें विशेष सत्र के लिए रणनीति बनाई जायेगी.

विशेष सत्र समझ से परे- बाबूलाल

कल भाजपा विधायक दल की बैठक प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश की अध्यक्षता में पार्टी के

प्रदेश कार्यालय में सम्पन्न हुई. मीटिंग के बाद प्रेस को सम्बोधित करते हुए

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार जो कल विश्वास मत हासिल करने के लिए एक दिवसीय सत्र आहूत की है

वो समझ से परे है. समान्यतः सरकार विश्वास मत तब हासिल करती है जब वैसा करने के लिए राज्य के राज्यपाल या फिर कोर्ट वैसा करने के लिये आदेश करती है. लेकिन झारखंड के मामले में ऐसा कुछ भी नहीं है. स्पष्ट है कि सरकार को अपने विधायको पर ही भरोसा नही है.

विधायकों की पहरेदारी कर रहे हैं सीएम हेमंत सोरेन

मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं बस के आगे की सीट में बैठ कर पहरेदारी करते हुए सभी विधायकों को हवाई अड्डा ले गए. हद तो तब हो गयी जब कानून की धज्जियां उड़ाते हुए बस को हवाई अड्डा के भीतर ले गए. राज्य के मुख्यमंत्री को अपने ही विधायको से इतना डर है कि वे कहीं उनका साथ न छोड़ दे. इसलिये उन्हें राज्य में सरकार होने के बावजूद भी छत्तीसगढ़ लेकर चले गए. वहां पर जिस होटल में इन्हें ठहराया गया है उसे चारो तरफ से बाड़ लगाकर घेराबंदी कर दी गयी. ताकि कोई उनसे मिल न सके. विधायकों की फ़ोन भी जब्त कर ली गयी.

सीएम को डर रहे हैं कहीं विधायक ना छोड़ दे साथ- बाबूलाल मरांडी

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार में चिड़िया घर में दो तीन जानवरों को दर्शकों को दिखाने के लिए निकाला जाता है ठीक उसी प्रकार से वहां पर ठहरे विधायकों में से सिर्फ तीन चार विधायकों को ही प्रेस के सामने लाया गया था. वहां पर भी मुख्यमंत्री डर रहे हैं कि कहीं विधायक उनका साथ ना छोड़ दे.

हेमंत सोरेन पर है आफिस ऑफ प्रॉफिट का मामला

एक सवाल के जबाब में बाबूलाल ने कहा कि भाजपा तो मुख्यमंत्री के इस्तीफा की मांग करेगी ही क्योंकि जब मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अपने नाम पर खदान लीज ले लिया जो आफिस ऑफ प्रॉफिट का मामला बनता है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगने के बाद भाजपा विपक्षी दल होने के नाते उनसे इस्तीफा की मांग करेगी. भाजपा कैसे राज्य की सम्पदा को किसी को लूटने की अनुमति दे सकती है.

रिपोर्ट: मदन सिंह

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