औरंगाबाद : औरंगाबाद बिहार में गुटखा की बिक्री पर प्रतिबंध है, पर धता बताने का उपाय भी है। मतलब पान मसाला अलग और जर्दा अलग-अलग रैपर में बिकता है। गुटखा खाने के शौकीन दोनों को मिला देते है, तो गुटखा बन जाता है और फिर उसे गटक जाते है। अब यह तस्वीर देखिएं। ये जनाब दिलीप कुमार सिंह है। जनता के सेवक के जिम्मेवार पद पर आसीन है यानी कि जनप्रतिनिधि है। थोड़ा विस्तार में जान लीजिए कि ये स्थानीय निकाय कोटे की औरंगाबाद सीट से बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं।
आपको बता दें कि गुटखा खाने के भी शौकीन कहे जाते है पर गुटखा खाकर कही जाने और किसी से बात करने की भी अपनी एक मर्यादा होती है। अब इस तस्वीर में ही देखिए न जनाब मुंह में गुटखा या कुछ और और कहे, गटके हुए एक सरकारी महिला डॉक्टर को ड्यूटी का पाबंद होने की ताकिद कर रहे है। अब चूंकि जनाब यह सब मुंह में गुटखा या कुछ और डाले हुए कर रहे थे। लिहाजा किसी ने उनका वीडियो बना लिया और वायरल भी कर दिया।
हालांकि हम वायरल वीडियो की पुष्टि नही करते है। साथ ही हम यह भी दावें के साथ नही कह सकते है कि एमएलसी के मुंह में गुटखा ही है। वायरल वीडियो की जब पड़ताल की गई तो पता चला कि यह वीडियो औरंगाबाद के देव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर का है, जहां लोगों की शिकायत पर बीजेपी एमएलसी दिलीप कुमार सिंह जांच करने पहुंचे थे। मौके पर ग्रामीणों और एक महिला चिकित्सक में बहस हो रही थी।
एमएलसी के पहुंचते ही ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि महिला चिकित्सक ड्यूटी के बजाय अधिकतर छुट्टी में रहती हैं। वही महिला चिकित्सक इसे सिरे से खारिज कर रही थी। हालांकि यहां पर लेडी डॉक्टर भी किसी जनप्रतिनिधि से बात करने के लहजे का प्रोटोकॉल भूल गई। यह भी हो सकता है कि मुंह में गुटखा या कुछ और होने की वजह से वह एमएलसी को शायद पहचान नही सकी। इस दौरान गुटखा या कुछ और मुंह में डाले एमएलसी दिलीप सिंह ने महिला डॉक्टर को समझाते हुए कहा कि तुम नौकरी करने आई हो कि लड़ने।
इस पर महिला चिकित्सक ने जवाब दिया कि ये लोग हमको धमकी नही दे सकते हैं। मैं अपना काम कर रही हूं। मैं ड्यूटी की पाबंद हूं। मैं नियमित रूप से ड्यूटी करती हूं। खैर इस बहस मुबाहिसे के बाद बात आई गई हो गई। इसके बावजूद लेडी डॉक्टर और एमएलसी के बीच बहस-मुबाहिसे का वीडियो वायरल हो रहा है, जिससे उनकी भद्द पिट रही है। लोग इसे मजे लेकर देख रहे है।
दिनानाथ मौआर की रिपोर्ट


