रांचीः बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने गैर भाजपा दलों द्वारा बुलाये गए भारत बंद को टांय-टांय फीस बताया और कहा कि झारखंड की जनता बंद को नकार दिया. देश के साढ़े बारह करोड़ सीमांत किसान प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा है. कांग्रेस, जेएमएम और वाम दल किसानों को राजनीतिक इस्तेमाल करना चाहती है. झारखंड की जनता ने इनके चेहरे को पहचानती है. दीपक प्रकाश ने बंद को नकारने के लिए झारखंड की शुक्रिया बोला.

जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चो के केन्द्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि सावन के अंधे की तरह भाजपा को किसान हारा ही नजर आता है. सुप्रियो भट्टाचार्य ने झारखंड और देश की जनता को बंद को सफल बनाने के लिए आभार प्रकट किया और कहा कि भाजपा राज्य में पाताल (खनिज संपदा), जमीन (किसान) और आसमान ( वायु मार्ग) सब कुछ अडानी-अम्बानी का हाथों में है, पूरा देश एक कॉरपोरेट राज्य में तब्दील हो चुका है. रोटी-कपड़ा को कॉरपोरेट के हवाले कर दिया गया. अडानी-अम्बानी की नजरे खेत और बाजार पर गड़ी है. बार–बार किसानों पर गोलियां चलाई जा रही है, लेकिन इस देश का किसान अपनी जमीन और किसानी के लिए लड़ता रहेगा. जब तक इन तीन काले कानूनों को जिसमें कॉरपोरेट फार्मिंग, मंडियों पर कब्जा औरअसीमित भंडारण की अनुमति दी गई है को वापस नहीं लिया जाता तब तक यह आन्दोलन जारी रहेगा.

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जिस ह्यूमन ट्रैफिकिंग के खिलाफ हमलोगों ने संघर्ष किया ,आज उसे ही कानूनी जामा दे दिया गया. प्रधानमंत्री ओबीसी को सिर्फ चुनावी रंग में देखना चाहते थे, लेकिन उसके अधिकार देना नहीं चाहते. इसीलिए जातीय जनगणना करवाना नहीं चाहते. प्रधानमंत्री कमसे कम अपने झूठ का ही डॉक्यूमेंटेशन ही दे.
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