नई दिल्ली: शरीर का तापमान 107 डिग्री फारेनहाइट से उपर चला गया जिस से 40 साल के व्यक्ति की मौत हो गई। मरीज का इलाज दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के हीट स्ट्रोक यूनिट में चल रहा था।
अलग- अलग माध्यमों से जो सूचना मिल रही है उसके अनुसार बिहार के दरभंगा के रहने वाले 40 साल के व्यक्ति दिल्ली में बिना कूलर या पंखे वाले कमरे में रह रहा था वह मृतक पाइपलाइन फिटिंग बनाने वाली एक फैक्ट्री में काम करता था।
घटना के एक दिन पहले उसके शरीर का तापमान 107 फारेनहाइट से ऊपर चला गया था मंगलवार तक मरीज का इलाज राम मनोहर लोहिया अस्पताल के विषेश युनिट में चला बुधवार को मरीज को वार्ड में शफ्टि किया गया.
लेकिन मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई और दोपहर करीब 3 बजे उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर अपने बढ़ते तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता और शरीर को ठंडा रखने में मदद करने वाला पसीना निकालने वाला मैकेनिज्म काम करना बंद कर देता है। वहीं, हीट एग्जॉशन एक ऐसी स्थिति है जब शरीर जरूरत से अधिक गर्म हो जाता है लेकिन पसीना निकलता रहता है।
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