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Bokaro Missing Girl Case: DNA जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाई समय सीमा, एक हफ्ते में सैंपल

बोकारो लापता युवती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने DNA जांच के लिए माता-पिता के सैंपल लेने की समय सीमा 48 घंटे से बढ़ाकर एक सप्ताह कर दी।


Bokaro Missing Girl Case रांची: बोकारो से लापता 18 वर्षीय युवती के बरामद कंकाल की गुत्थी सुलझाने के लिए चल रही डीएनए जांच प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण संशोधन किया है। शीर्ष अदालत ने युवती के माता-पिता का सैंपल 48 घंटे के भीतर लेने के झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को बढ़ाते हुए एक सप्ताह कर दिया है।

सुप्रीम Court ने यह बदलाव इसलिए किया ताकि जांच प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक, व्यवस्थित और त्रुटिहीन तरीके से संपन्न हो सके। हालांकि अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट के मूल आदेश में किसी प्रकार का हस्तक्षेप करने से साफ इंकार कर दिया।


Key Highlights:

  • बोकारो लापता युवती मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश
  • माता-पिता के DNA सैंपल के लिए 48 घंटे की सीमा बढ़ाकर एक सप्ताह
  • हाईकोर्ट के मूल आदेश में हस्तक्षेप से सुप्रीम कोर्ट ने किया इंकार
  • बरामद कंकाल की जांच कोलकाता की CFSL लैब में होगी
  • 31 जुलाई 2025 से लापता है 18 वर्षीय युवती

Bokaro Missing Girl Case:हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार पहुंची थी सुप्रीम कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने 16 अप्रैल को आदेश दिया था कि नामकुम स्थित आर्मी हॉस्पिटल के हेड 48 घंटे के भीतर युवती के माता-पिता का सैंपल कलेक्ट करें। इस आदेश के बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की थी।

सरकार का कहना था कि 48 घंटे की समय सीमा व्यावहारिक रूप से काफी कम है और इतने कम समय में पूरी प्रक्रिया को सही ढंग से पूरा करना कठिन होगा। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने समय सीमा बढ़ाकर एक सप्ताह कर दी।

हालांकि शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के निर्देशों को बरकरार रखा और स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।

Bokaro Missing Girl Case:हाईकोर्ट की सख्ती, डीजीपी और बोकारो एसपी हुए थे पेश

इस मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ लगातार कर रही है। अदालत के कड़े रुख के कारण पिछली सुनवाई में डीजीपी, बोकारो एसपी और एफएसएल के डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ा था।

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि बरामद कंकाल का डीएनए टेस्ट केंद्र सरकार की कोलकाता स्थित लैब सीएफएसएल (CFSL) में कराया जाए। अदालत ने राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

इसके साथ ही विशेष जांच दल (SIT) के प्रमुख को निर्देश दिया गया है कि सैंपल कलेक्शन की प्रक्रिया में नामकुम आर्मी हॉस्पिटल को पूरा सहयोग दिया जाए।

Bokaro Missing Girl Case:क्या है पूरा मामला

बोकारो के पिंडराजोड़ा थाना क्षेत्र की 18 वर्षीय युवती 31 जुलाई 2025 से लापता है। युवती की मां रेखा देवी ने बेटी की तलाश के लिए झारखंड हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की है।

पुलिस ने जांच के दौरान एक कंकाल बरामद किया, जिसे पुलिस युवती का बता रही है। वहीं परिजनों के अधिवक्ता विनसेंट रोहित मार्की और शांतनु गुप्ता ने कोर्ट में दावा किया है कि बरामद कंकाल लापता युवती का नहीं है।

इसी विवाद और रहस्य से पर्दा उठाने के लिए अदालत ने डीएनए जांच का आदेश दिया है। अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि बरामद कंकाल वास्तव में लापता युवती का है या नहीं।

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