Bokaro Steel Plant Workshop: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) की कोल्ड रोलिंग मिल-III (CRM-III) में इंडस्ट्री और एकेडेमिया के सहयोग से “मिल ऑपरेटर से प्रोडक्ट मैनेजर तक” नाम की एक खास वर्कशॉप आयोजित की गई। इस वर्कशॉप का मकसद कर्मचारियों के बीच कस्टमर-सेंट्रिक (ग्राहक-केंद्रित) काम का माहौल बनाना और उन्हें क्वालिटी-बेस्ड प्रोडक्शन की अहमियत के बारे में जागरूक करना था।
ग्राहकों की ज़रूरतों को समझने पर ज़ोर
वर्कशॉप का उद्घाटन चीफ जनरल मैनेजर (मेंटेनेंस) ने किया और इसका आयोजन चीफ जनरल मैनेजर (CRM-III) की देखरेख में किया गया। इस बात पर ज़ोर दिया गया कि किसी भी इंडस्ट्री की सफलता सिर्फ़ प्रोडक्शन बढ़ाने से नहीं, बल्कि ऐसे हाई-क्वालिटी प्रोडक्ट और सर्विस देने से मिलती है जो ग्राहकों की उम्मीदों पर खरे उतरते हों।
एक्सपर्ट ने मैनेजमेंट से जुड़ी बातें साझा कीं
नई दिल्ली की साउथ एशियन यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट फैकल्टी के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रमेश रोशन दास गुरु ने मुख्य वक्ता के तौर पर कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि प्रोडक्शन, मेंटेनेंस, क्वालिटी कंट्रोल और इंजीनियरिंग जैसे विभाग सीधे या परोक्ष रूप से ग्राहकों की संतुष्टि से जुड़े होते हैं। उन्होंने बेहतर मशीन मेंटेनेंस, भरोसेमंद प्रोडक्शन प्रोसेस और क्वालिटी प्रोडक्ट को संगठन की सफलता का आधार बताया।
प्रोडक्शन टारगेट से आगे सोचने का संदेश
वर्कशॉप के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को सलाह दी गई कि वे अपने काम को सिर्फ़ प्रोडक्शन टारगेट तक सीमित न रखें, बल्कि इसे कस्टमर वैल्यू बनाने और संगठन के लंबे समय के बिज़नेस ग्रोथ के साथ जोड़ें। वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ग्राहकों का भरोसा और संतुष्टि किसी भी औद्योगिक संगठन की सबसे बड़ी संपत्ति होती है।

सीखने का माहौल बनाना
BSL की इस पहल को कर्मचारियों के बीच सीखने का माहौल बनाने और बदलती औद्योगिक ज़रूरतों के हिसाब से उनके काम करने के तरीकों को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि ऐसे प्रोग्राम भविष्य में कर्मचारियों के स्किल डेवलपमेंट में मदद करते रहेंगे और संगठन की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाएंगे।
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