Bokaro Suicide Case: Loan Pressure से तीन मौतें, Family Tragedy ने किया शहर स्तब्ध

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Bokaro Suicide Case: Loan Pressure से चार मौतें, Family Tragedy ने किया शहर स्तब्ध
Bokaro Suicide Case: Loan Pressure से चार मौतें, Family Tragedy ने किया शहर स्तब्ध
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बोकारो में कर्ज के दबाव में दंपती ने दो वर्षीय बेटे की हत्या कर खुदकुशी की। परिवार के दावे और मकान मालिक पर आरोप, पुलिस जांच में जुटी।


Bokaro Suicide Case बोकारो: कर्ज के गहरे बोझ ने शहर में एक हृदय विदारक घटना को जन्म दिया।  बीएसएल की जमीन पर अवैध रूप से बने एक आउट हाउस से एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतकों में कुंदन तिवारी (37), उसकी पत्नी रेखा कुमारी (32) और दो वर्षीय बेटा श्रेयांश शामिल हैं। दंपती फंदे पर झूलते मिले, जबकि बच्चे का शव बेड पर पड़ा मिला।

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Bokaro Suicide Case: आर्थिक दबाव बना मौत की वजह

पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में प्रतीत होता है कि दंपती ने पहले बेटे को तकिए से दबाकर उसकी हत्या की और फिर खुद भी आत्महत्या कर ली। बताया गया कि कुंदन पर करीब 25 लाख रुपये का कर्ज था। वह स्वयं को देवघर सदर अस्पताल का कर्मचारी बताता था और पिछले एक साल से इसी आउट हाउस में किराये पर रह रहा था। मकान मालिक परमेश्वर पांडेय ने भी बताया कि कुंदन उनसे 12 लाख रुपये उधार ले चुका था और पैसे वापसी को लेकर दबाव बनाया जा रहा था।


Key Highlights

• मकान मालिक की जमीन पर बने आउट हाउस से दंपती और बच्चे के शव बरामद

• आर्थिक संकट और 25 लाख रुपये के कर्ज का दबाव सम्भावित कारण

• मृतका के परिवार का आरोप – मकान मालिक ने धमकाया, पीटा और अंगूठा लिया

• घटना से पहले बेटे को चोकोपाई दिलाने भेजा गया, 1:35 बजे शव मिले

• पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है, मकान मालिक ने मारपीट के आरोपों को नकारा


Bokaro Suicide Case: परिवार का आरोप – धमकी और मारपीट ने छीनी जिंदगी

मृतका रेखा के परिजनों ने मकान मालिक पर गंभीर आरोप लगाए। मां जितनी देवी ने बताया कि 10 दिन पहले मकान मालिक ने उनके दामाद को धमकाया और मारपीट की थी। आरोप है कि उनसे भी जबरन अंगूठे का निशान लिया गया और एक सोने की अंगूठी भी ली गई। शिकायत हरला थाने में पहले ही दर्ज है। परिजनों का कहना है कि मकान मालिक के दबाव और भय ने पूरी जिंदगी छीन ली।

Bokaro Suicide Case: घटना की टाइमलाइन और प्रत्यक्षदर्शी का बयान

दोपहर के घटनाक्रम के बारे में मकान मालिक के बेटे आशीष ने बताया कि 12:30 बजे सब कुछ सामान्य था। कुंदन ने उसे 55 रुपये देकर श्रेयांश के लिए चोकोपाई खरीदने को कहा था। 1:30 बजे लौटने पर दरवाजा बंद मिला। टीवी चल रही थी, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। लगभग 1:35 बजे जब उसने दरवाजा धकेला तो वह थोड़ा खुला और अंदर दंपती फंदे पर झूलते दिखे। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने अंदर जाकर बच्चे का शव बेड पर पाया।

Bokaro Suicide Case: पुलिस जांच जारी, मकान मालिक ने आरोपों को नकारा

सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्य सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। मकान मालिक परमेश्वर पांडेय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे केवल पैसे लौटाने का दबाव बना रहे थे, उन्होंने किसी प्रकार की मारपीट नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चा अधिकतर समय उनके घर पर ही रहता था।

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