BSL Circular Economy Initiative: वेस्ट टू वेल्थ मॉडल से बोकारो स्टील प्लांट को बड़ी सफलता

BSL Circular Economy Initiative: बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) ने संसाधनों के कुशल उपयोग, अपशिष्ट प्रबंधन और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान संयंत्र ने “वेस्ट टू वेल्थ” यानी अपशिष्ट से संपदा निर्माण की कई सफल पहलों के माध्यम से न केवल आर्थिक लाभ अर्जित किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

संयंत्र ने पहली बार बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (बीओएफ) स्लज का सफलतापूर्वक सिंटर प्लांट में उपयोग किया, जिससे लौह अयस्क फाइन्स की खपत कम हुई। वहीं डीकैंटर टार स्लज को मिश्रित कोयले में पुनर्चक्रित कर उत्पादन लागत में कमी और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को नियंत्रित करने में सफलता मिली। अपशिष्ट लाइमस्टोन फाइन्स के उपयोग से सिंटर उत्पादन की दक्षता बढ़ी और फ्लक्स खरीद पर होने वाले खर्च में भी कमी आई।

बीएसएल ने ब्लास्ट फर्नेस स्लैग का ग्रेनुलेशन कर उसे सीमेंट उद्योग को उपलब्ध कराया। इससे सीमेंट निर्माण में क्लिंकर की आवश्यकता कम हुई और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिली। इसके साथ ही प्रसंस्कृत एलडी स्लैग का उपयोग सिंटर निर्माण, इस्पात उत्पादन, रेलवे बैलास्ट और सड़क निर्माण जैसी विभिन्न गतिविधियों में किया गया।

संयंत्र ने मिल स्केल, ब्लास्ट फर्नेस फ्ल्यू डस्ट, ईएसपी डस्ट, कोक ब्रीज और फेरस स्लज जैसे उपोत्पादों का भी पुनर्चक्रण कर उन्हें उपयोगी सेकेंडरी कच्चे माल में परिवर्तित किया। इससे प्राथमिक कच्चे माल पर निर्भरता कम हुई और संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा मिला।

बीएसएल ने ब्लास्ट फर्नेस ग्रेनुलेटेड स्लैग, कास्ट हाउस ग्रेनुलेटेड स्लैग, कोल टार, अमोनियम सल्फेट, पिच, नैफ्थलीन उत्पाद, प्रोसेस्ड स्लैग, मिल स्केल स्लज और पिग आयरन जैसे बाइ-प्रोडक्ट्स की बिक्री के माध्यम से भी उल्लेखनीय राजस्व अर्जित किया। जो सामग्री कभी अपशिष्ट मानी जाती थी, वही आज विभिन्न उद्योगों के लिए किफायती कच्चा माल बनने के साथ-साथ आर्थिक मूल्य भी सृजित कर रही है।

इन पहलों के परिणामस्वरूप अपशिष्ट उत्पादन और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आई है। साथ ही विभिन्न उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती सेकेंडरी कच्चा माल उपलब्ध कराने में भी मदद मिली है। नवाचार, संसाधन संरक्षण और अपशिष्ट के प्रभावी पुनः उपयोग के जरिए बोकारो इस्पात संयंत्र सतत इस्पात निर्माण के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियां सर्कुलर इकोनॉमी और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा के प्रति बीएसएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। संयंत्र आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए देश को लो-कार्बन और संसाधन-कुशल अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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