CCTV Surveillance: झारखंड के सभी 606 थानों में ऑडियो वीडियो रिकॉर्डिंग वाले 8854 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। 134 करोड़ की योजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिली।
CCTV Surveillance रांची: झारखंड के पुलिस तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य गठन के बाद पहली बार सभी 606 थानों को एक साथ हाईटेक सुरक्षा कवच से लैस किया जाएगा। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इसके लिए 134 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस योजना के तहत पूरे राज्य में कुल 8854 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जो थाना परिसर की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।
CCTV Surveillance:ऑडियो वीडियो रिकॉर्डिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता
थानों में लगाए जाने वाले नए सीसीटीवी कैमरे केवल वीडियो ही नहीं, बल्कि ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा से भी लैस होंगे। झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस योजना को गति मिली है। इन कैमरों में 18 महीने तक का वीडियो और ऑडियो फुटेज सुरक्षित रखने की व्यवस्था होगी। इससे पुलिस कार्रवाई, पूछताछ और हिरासत से जुड़ी हर प्रक्रिया रिकॉर्ड में रहेगी, जिससे किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में साक्ष्य उपलब्ध रहेंगे।
Key Highlights
झारखंड के सभी 606 थानों में एक साथ CCTV व्यवस्था लागू होगी
134 करोड़ रुपये की योजना को प्रशासनिक स्वीकृति
8854 कैमरों से ऑडियो और वीडियो दोनों की रिकॉर्डिंग
18 महीने तक सुरक्षित रहेगा फुटेज और ऑडियो डेटा
कैमरों के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी तीन साल तक कंपनी की
CCTV Surveillance:इंस्पेक्टर कक्ष से लॉकअप तक हर कोना रहेगा निगरानी में
राज्य के हर थाने में एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर हाईटेक सीसीटीवी लगाए जाएंगे। मुख्य गेट, लॉकअप, कॉरिडोर, लॉबी, रिसेप्शन एरिया, स्टेशन हॉल और थाने के सामने का परिसर पूरी तरह कैमरे की जद में रहेगा। इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर के कक्ष में भी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। ड्यूटी ऑफिसर रूम से पूरे परिसर की निगरानी होगी। यहां तक कि वाशरूम के बाहर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि थाना परिसर का कोई भी हिस्सा निगरानी से बाहर न रहे।
CCTV Surveillance:डोम और बुलेट कैमरों से होगा हाईटेक कवरेज
थानों में निगरानी के लिए दो प्रकार के हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें डोम कैमरा और बुलेट कैमरा शामिल हैं। दोनों ही कैमरे दो मेगापिक्सल क्षमता के होंगे, जिससे रिकॉर्डिंग साफ और स्पष्ट रहेगी। कुल 4899 डोम कैमरे और 3955 बुलेट कैमरे लगाए जाएंगे। इस पूरी परियोजना की जिम्मेदारी जैप आईटी को सौंपी गई है। कैमरे लगने के बाद अगले तीन वर्षों तक इनके मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी संबंधित कंपनी की होगी, ताकि किसी तरह की तकनीकी खराबी से निगरानी व्यवस्था प्रभावित न हो।
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