Manipur में ताजा Violence के बाद 50 कंपनी सीएपीएफ भेज रहा केंद्र

डिजीटल डेस्क : Manipur में ताजा Violence के बाद 50 कंपनी सीएपीएफ भेज रहा केंद्र। Manipur में सोमवार को भी Violence जारी रही। सुरक्षा बलों से झड़प में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। इसके अलावा छह अन्य अलग-अलग घटनाओं में मारे गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुरक्षा स्थिति का आकलन के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की।

Violence से निपटने के लिए केंद्र इसी सप्ताह सीएपीएफ की 50 और कंपनियां Manipur भेजना तय हुआ है। इसी क्रम में केंद्र ने मणिपुर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की अतिरिक्त 50 कंपनियों की तैनाती की घोषणा की है।

सुरक्षा बलों का Violence प्रभावित इलाकों में गश्त जारी

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, Manipur के जिरीबाम जिले में हाल ही में हुई Violence से निपटने के लिए सीआरपीएफ की 15 और बीएसएफ की पांच सहित 20 सीएपीएफ कंपनियों को पहले ही भेजा जा चुका है। सीएम एन. बीरेन सिंह के दामाद आरके इमो समेत 13 विधायकों और मंत्रियों के घर पर हमले हुए हैं।

इंफाल घाटी समेत राज्य के कई हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया है। इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई है। आलम यह है कि पिछले दिनों भेजी गई अर्धसैनिक बलों की 20 कंपनियां भी कम पड़ गईं हैं।

हालात को काबू करने के लिए केंद्र की ओर से Manipur में 5,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों की नई तैनाती का आदेश जारी हुआ है। फिलहाल वहां पहले से मुस्तैद सुरक्षा बलों के जवान लगातार चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखते हुए गश्त कर रहे हैं।

मणिपुर में फिर से भड़की हिंसा के बाद सड़कों पर सैन्य टुकड़ियां भी उतरीं।
मणिपुर में फिर से भड़की हिंसा के बाद सड़कों पर सैन्य टुकड़ियां भी उतरीं।

गत 7 नवंबर से फिर से नए सिरे से सुलग रहा है पूर्वोत्तर का राज्य Manipur

वर्ष 2023 में मैतेई जनजाति को ट्राइबल का दर्जा देने वाले प्रस्ताव से शुरू हुई हिंसा अब Manipur में नासूर बन गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अचानक महाराष्ट्र चुनाव के दौरे के रद्द कर दिल्ली लौटना पड़ा था। साथ ही Manipur में जातीय हिंसा के बीच राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई।

भाजपा  सरकार का समर्थन कर रही एनपीपी ने बीरेन सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। बता दें कि मई 2023 में मैतई और कुकी के बीच झड़पें शुरू हुईं। महिलाओं से रेप, युवाओं की हत्या और आगजनी का दौर लंबा चला। फिर केंद्रीय बलों के हस्तक्षेप के बाद मणिपुर कुछ दिनों तक शांत रहा। रिफ्यूजी कैंप में रह रहे लोग अपने गांव लौटने लगे।

बीते 7 नवंबर को इंफाल से 220 किलोमीटर दूर असम के बॉर्डर पर जिरीबाम में एक बच्चे, दो लड़के और एक लड़की की मौत के बाद हिंसा भड़क गई।

मणिपुर में सुरक्षा बल तैनात
मणिपुर में सुरक्षा बल तैनात

जिरीबाम महिला हत्या समेत 3 मामलों की जांच के लिए Manipur पहुंच रही NIA की टीम

बीते 7 नवंबर को भड़की Violence के संबंध में कहा जा रहा है कि मारा गया परिवार मैतेई समुदाय था। हमले का आरोप कुकी उग्रवादियों पर लगे। इसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की।

कुकी समूहों का दावा है कि ऑपरेशन में मारे गए 10 लोग उग्रवादी नहीं बल्कि गांव के वॉलंटियर थे। इसके बाद इलाके में एक कुकी और एक मैतेई युवक का शव नदी में उतराता हुआ मिला। कुकी और मैतेई संगठनों ने एक-दूसरे पर हत्या का आरोप लगाया।

सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर भेजे गए मैसेज और तस्वीरों से यह आग और भड़क गई। अब मणिपुर सरकार ने केंद्र से सुरक्षा बलों की तादाद बढ़ाने मांग है।

इसी क्रम में सोमवार को केंद्रीय सुरक्षा बल के उच्चाधिकारियों संग बैठक करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने Manipur में ताजा Violence की घटनाओं की जांच NIA से कराने का फैसला लिया। NIA की टीम को Manipur भेजा जा रहा है और NIA वहां 3 मामलों की जांच कर तदनुसार कार्रवाई करेगी।

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