रांची: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) की नियमावली में एक बार फिर बदलाव होने जा रहा है। इस बार सिलेबस में संशोधन किया जाएगा, और यह संशोधन केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) के सिलेबस के अनुरूप होगा। इस बदलाव के तहत, प्राथमिक (कक्षा 1-5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6-8) कक्षाओं के लिए परीक्षा की अवधि दो घंटे 30 मिनट निर्धारित की जाएगी।
सात जनवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। नए सिलेबस में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब विभिन्न विषयों में अलग-अलग उत्तीर्ण होने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले, उम्मीदवारों को प्रत्येक विषय में उत्तीर्ण होना अनिवार्य था, लेकिन अब ओवरऑल कटऑफ के आधार पर उम्मीदवारों को उत्तीर्ण घोषित किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था के तहत, सामान्य जाति के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा, जबकि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों के लिए यह न्यूनतम 50 प्रतिशत, और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC), पिछड़ा वर्ग (BC) तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 55 प्रतिशत अंक होना आवश्यक होगा।
इस परीक्षा में कक्षा 1 से 5 तक के उम्मीदवारों के लिए 12वीं कक्षा स्तर के प्रश्न पूछे जाएंगे, जबकि कक्षा 6 से 8 तक के उम्मीदवारों से स्नातक स्तर के प्रश्न पूछे जाएंगे।
यह बदलाव जेटेट परीक्षा के परिणामों को अधिक पारदर्शी और उम्मीदवारों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक कदम है।


