Jharkhand: चतरा एसपी की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। चतरा पुलिस (लावालौंग थाना) द्वारा मैट्रिक के छात्र को अवैध रूप से हिरासत में रखने के मामले में Chatra SP को हाईकोर्ट से फटकार मिली है। मामले की सुनवाई में चतरा एसपी सुमित अग्रवाल हाई कोर्ट में हाजिर हुए। लेकिन कोर्ट ने उनसे कई तरह के सवाल पूछे, अब अगली सुनवाई में भी Chatra SP को हाजिर होने का निर्देश दिया गया है।
27 फरवरी को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने चतरा एसपी से रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने एसपी से मांगी गई रिपोर्ट में पूछा है कि संबंधित थाना पुलिस ने बच्चे को 10 दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में क्यों रखा?
-24 घंटे में उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थिति क्यों नहीं किया गया था.
-जिम्मेदार पुलिस अधिकारी पर क्या कार्रवाई हुई?
-बच्चे की मैट्रिक परीक्षा छूट गई, उसके लिए कौन जिम्मेदार है?
बता दें कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 27 फरवरी निर्धारित की है, एसपी को इन सवाल के जवाबों के साथ अदालत में हाजिर होना होगा।
मां ने दर्ज करवाई हेवियस कॉर्पस
दरअसल लड़के को पुलिसके द्वारा गिरफ्तार करने और मजिस्ट्रेट के समझ प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद उसकी मां की ओर से दायर हेवियस कॉर्पस दर्ज करवाई गई। उसी याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायमूर्ति एके राय की खंडपीठ में हुई। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता भास्कर त्रिवेदी ने पक्ष रखा, वहीं राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने पक्ष रखा।
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