पटना : बिहार विधानसभा में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान आज यानी पांच फरवरी को राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया। जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और विपक्षी दलों पर तीखे शब्दों में हमला बोला। सदन की कार्यवाही के दौरान हुई तीखी बहस और नोकझोंक ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब बिहार में सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक ध्रुवीकरण लगातार बढ़ता दिख रहा है। नीतीश ने तेजस्वी को डांटने लगे और कहा कि बैठे जी! सदन की कार्यवाही का आज तीसरा दिन है।
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया
बिहार विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने ‘सात निश्चय-03’ के तहत कानून का राज कायम रखने, विकास दर राष्ट्रीय औसत से तीन फीसदी अधिक होने, जीविका के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार का जिक्र किया। उन्होंने बिहार के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की और पांच साल में बिहार को विकसित बनाने का लक्ष्य रखा।

राज्यपाल के अभिभाषण के बाद नीतीश कुमार का संबोधन मुख्य बिंदु
कानून व्यवस्था – राज्य में विधि व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया है। पुलिस बल की संख्या 1.31 लाख तक बढ़ाई गई है और 814 से बढ़ाकर 1,380 थाने किए गए हैं।
सुशासन से समृद्धि – राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार के पिछले कार्यों और ‘सुशासन से समृद्धि’ की झलक को मजबूती से रखा गया।
आर्थिक विकास – बिहार का विकास दर राष्ट्रीय औसत से तीन फीसदी अधिक है और सरकार अगले पांच वर्षों में बिहार को विकसित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
महिला सशक्तिकरण – जीविका (JEEViKA) स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1.40 करोड़ से अधिक महिलाएं राज्य के विकास से जुड़ी हैं।
बुनियादी ढांचा – सड़क और पुल-पुलियों के निर्माण के माध्यम से राज्य के दूरदराज के इलाकों से राजधानी की दूरी को पांच घंटे के अंदर करने का लक्ष्य है।

विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए वे लगातार प्रयासरत हैं – CM नीतीश
सीएम नीतीश कुमार ने 2026 की शुरुआत में अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ और गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) के दौरान बिहार में विकास, कानून व्यवस्था, और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। उन्होंने 50 लाख से अधिक रोजगार और सरकारी नौकरी के अवसर पैदा करने पर जोर दिया है। सीएम ने यह भी कहा कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए वे लगातार प्रयासरत हैं।
समृद्धि यात्रा और विकास – नीतीश कुमार ने विभिन्न जिलों (समस्तीपुर, मधुबनी) में विकास परियोजनाओं (जैसे: 827 करोड़ की 188 योजनाएं) का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
रोजगार सृजन – उन्होंने सात निश्चय-2 के अंतर्गत 10 लाख सरकारी नौकरी और 10 लाख रोजगार (कुल 20 लाख+) के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए 50 लाख से अधिक नौकरी/रोजगार सृजन का दावा किया।
महिला सशक्तिकरण – ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ पर जोर दिया गया है, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बनें।
कानून व्यवस्था और विकास – गणतंत्र दिवस पर 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, और सड़क के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भविष्य की योजनाएं – अगले पांच वर्षों के लिए ‘सात निश्चय-3’ के गठन की बात की, जिसमें राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का लक्ष्य है।

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