लखनऊ : यूपी में सड़क निर्माण में पेटी कांट्रेक्टर की व्यवस्था नहीं चलेगी, CM Yogi की दो टूक। CM Yogi आदित्यनाथ सोमवार को पीडबल्यूडी अधिकारियों की बैठक में कई बातें दो टूक अंदाज में साफ कर दीं और साथ ही सख्त लहजे में हिदायतों के अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा।
बैठक में CM Yogi बोले – ‘सड़क निर्माण की परियोजना तैयार करते समय स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखें। प्रत्येक परियोजना के लिए समयबद्धता और गुणवत्ता अनिवार्य शर्त है, इससे समझौता नहीं किया जा सकता।
गड़बड़ी पर जेई से लेकर चीफ इंजीनियर तक सबकी जवाबदेही तय होगी। एग्रीमेंट के नियमों का उल्लंघन होगा तो कांट्रेक्टर या संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और कठोर कार्रवाई भी होगी।
पेटी कॉन्ट्रेक्टर या सबलेट की व्यवस्था स्वीकार नहीं की जानी चाहिए’।
तैयार सड़कों की कराई जाएगी थर्ड पार्टी ऑडिट
इसी क्रम में CM Yogi ने आगे कहा कि – ‘DPR को अंतिम रूप देने के साथ ही कार्य प्रारंभ करने और समाप्त होने की तिथि सुनिश्चित कर ली जानी चाहिए और फिर इसका कड़ाई से अनुपालन किया जाए। बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। पूर्ण हो चुके कार्यों की थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराई जाए।
सड़क और सेतु हो अथवा आमजन से जुड़ी अन्य निर्माण परियोजनाएं, स्वीकृति देने से पहले उसकी लोक महत्ता का आंकलन जरूर किया जाए। विकास में संतुलन सबसे आवश्यक है।
पहले आवश्यकता की परख करें, प्राथमिकता तय करें, फिर मेरिट के आधार पर किसी सड़क अथवा सेतु निर्माण की स्वीकृति दें। विकास कार्यों का लाभ सभी 75 जनपदों को मिले।
दीन दयाल उपाध्याय तहसील – ब्लाक मुख्यालय योजना अंतर्गत प्रदेश के समस्त तहसील – ब्लॉक मुख्यालय को जिला मुख्यालय से न्यूनतम दो लेन मार्गों से जोड़े जाने का कार्य तेजी से पूरा किया जाए। एक भी तहसील-एक भी ब्लॉक इससे अछूता न रहे’।

यूपी में अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बन रहे 96 भव्य ‘मैत्री द्वार‘
इसी बैठक में CM Yogi ने एक और अहम जानकारी दी। CM Yogi बोले – ‘प्रदेश के अंतरराज्यीय तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भव्य ‘मैत्री द्वार’ बनाने का कार्य तेजी के साथ पूरा कराएं। जहां भूमि की अनुपलब्धता हो, तत्काल स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
द्वार सीमा पर ही बनाए जाएं। यह आकर्षक हों, यहां प्रकाश व्यवस्था भी अच्छी हो। अब तक 96 मार्गों पर प्रवेश द्वार पूर्ण/निर्माणाधीन हैं। अवशेष मार्गों पर प्रवेश द्वार निर्माण की कार्यवाही यथाशीघ्र पूरी कर ली जाए।
धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्गों पर अच्छी सड़कें हों। पर्यटकों – श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा हो। सड़कों के निर्माण चौड़ीकरण किये जाने के क्रम में प्रत्येक जिले के सिख, बौद्ध, जैन, वाल्मीकि, रविदासी, कबीरपंथी सहित सभी पंथों – संप्रदायों के धार्मिक, ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के स्थलों को जोड़ा जाए।
मार्ग का चयन मानक के अनुरूप ही हो। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर धर्मार्थ कार्य विभाग और संबंधित जिलाधिकारी के सहयोग से इसे समय से पूरा कराएं’।

CM Yogi ने अधिकारियों को दी विशेष हिदायत – सड़क निर्माण में कहीं भी अनावश्य नहीं कटने चाहिए पेड़….
CM Yogi ने बैठक में अधिकारियों को कई अन्य महत्वपूर्ण सलाह भी दिए। CM Yogi ने कहा कि – ‘सड़क निर्माण, चौड़ीकरण या सुदृढ़ीकरण के कार्यों में पर्यावरण संरक्षण की भावना का पूरा ध्यान रखा जाए। कहीं भी अनावश्यक वृक्ष नहीं कटने चाहिए। सड़क निर्माण की कार्ययोजना में मार्ग के बीच आने वाले वृक्षों के संरक्षण को अनिवार्य रूप से सम्मिलित करें।
देवरिया-बरहज मार्ग का सुदृढ़ीकरण किया जाना आवश्यक है। इस संबंध में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करें। औद्योगिक विकास विभाग, एमएसएमई एवं जैव ऊर्जा विभाग द्वारा डिफेंस कॉरिडोर, औद्योगिक लॉजिस्टिक्स पार्क, औद्योगिक क्षेत्र और प्लेज पार्क योजना जैसी बड़े महत्व की योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
इन औद्योगिक क्षेत्रों तक आने-जाने के लिए चयनित मार्गों को यथासंभव फोर लेन मार्ग से जोड़ा जाना चाहिए।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग की सड़कों का निर्माण अब लोक निर्माण विभाग द्वारा ही किया जा रहा है। यह किसानों-व्यापारियों के हित से जुड़ा प्रकरण है, इसे प्राथमिकता दें। यहां गड्ढे नहीं होने चाहिए।
अभी लगभग 6000 किमी सड़कों का पुनर्निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाना है। इन्हें एफडीआर तकनीक से बनाया जाना चाहिए। इसके लिए बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी’।
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