Ranchi body Election: रांची नगर निकाय चुनाव में मतदाता सूची की गड़बड़ी पर राज्य निर्वाचन आयोग सख्त हुआ। डीसी से 7 दिन में जांच रिपोर्ट और दोषियों के नाम मांगे।
Ranchi body Election रांची: रांची नगर निकाय चुनाव में मतदाता सूची को लेकर सामने आई बड़ी अव्यवस्था के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों पर संज्ञान लेते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने रांची के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त को पत्र भेजकर सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई की अनुशंसा भी की जाए।
Key Highlights
रांची नगर निकाय चुनाव में मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी सामने आई।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने मामले पर संज्ञान लिया।
डीसी को सात दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश।
बीएलओ सहित संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी।
सैकड़ों मतदाता बिना वोट डाले बूथ से लौटे।
Ranchi body Election: मतदाता सूची में गड़बड़ी पर आयोग की सख्ती
आयोग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मतदाता सूची तैयार करने में लगे बूथ लेवल ऑफिसर और अन्य संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। आयोग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि लापरवाही या त्रुटि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मतदाता सूची के वार्डवार विखंडन और अद्यतन प्रक्रिया में हुई गलतियों के कारण सैकड़ों मतदाताओं को मतदान केंद्र से बिना वोट डाले वापस लौटना पड़ा। यह स्थिति चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है।
Ranchi body Election: सैकड़ों मतदाता हुए परेशान
चुनाव के दिन बड़ी संख्या में मतदाताओं को अपना नाम मतदाता सूची में नहीं मिला। कई मतदाताओं के नाम सूची से कटे पाए गए, जबकि कुछ का नाम दूसरे वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया था।
इन गड़बड़ियों के कारण मतदाताओं में नाराजगी देखी गई। कई लोगों ने बूथ पर आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन मौके पर समाधान नहीं हो सका। चुनावी व्यवस्था की इस चूक ने प्रशासनिक तैयारी पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
Ranchi body Election: डीसी से सात दिन में मांगी गई जांच रिपोर्ट
राज्य निर्वाचन आयोग ने रांची के उपायुक्त को निर्देश दिया है कि सात दिनों के भीतर पूरी जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची भेजी जाए। जांच प्रतिवेदन में यह भी स्पष्ट किया जाए कि त्रुटि किन स्तरों पर हुई और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
आयोग ने यह भी कहा है कि दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की अनुशंसा की जाए, ताकि आगामी चुनावों में मतदाता सूची से जुड़ी गड़बड़ियों की पुनरावृत्ति न हो।
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