रांची: यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 और यूजीसी के निर्देशों का हवाला देते हुए सत्र 2024-26 से डिग्री कॉलेजों में इंटरमीडिएट में एडमिशन पर रोक लगा दी थी। यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया था कि एनईपी के तहत नौवीं से 12वीं की पढ़ाई अब प्लस टू हाई स्कूलों में होगी, जबकि डिग्री कॉलेजों में केवल स्नातक की पढ़ाई जारी रहेगी।
इसके बाद इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, जहां हाईकोर्ट ने रांची यूनिवर्सिटी के अधीन आने वाले डिग्री कॉलेजों में इंटरमीडिएट एडमिशन की अनुमति दी। कोर्ट के इस आदेश के बावजूद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में ही इस मुद्दे को सुलझाने का निर्देश दिया।
करीब 2500 छात्रों ने इंटरमीडिएट एडमिशन के लिए आवेदन किया है, और वे मेरिट लिस्ट का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, इंटर कॉलेज शिक्षक संघ के महासचिव ने एडमिशन लिस्ट जारी करने की मांग की ताकि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो। हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद छात्रों में असमंजस की स्थिति है और उन्हें अपने भविष्य को लेकर चिंता हो रही है, जिससे उनका एक साल बर्बाद होने का डर सताने लगा है।


