कांग्रेस महाकुंभ में होगा दिग्गजों का जुटान, शक्ति प्रदर्शन से लेकर SIR होगा मुख्य मुद्दा
पटना : पटना में 85 साल बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक हो रही है। इसको लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का आना कल से ही जारी है। इस बैठक को लेकर सदाकत आश्रम को सुरक्षा से लेकर सजावट के तमाम इंजताम किए गए हैं। इससे पहले पटना में सीडब्ल्यूसी की बैठक तीन बार क्रमश: 1912, 1922 और 1940 में हुई थी।

पटना में कांग्रेस की बैठक लेकर तैयारियां जोरों पर है
पटना में कांग्रेस की बैठक लेकर तैयारियां जोरों पर है। पटना की मुख्य सड़के झंडे और बैनर से सज चुकी है। बैठक में कुल 170 दिग्गज नेताओं केआने की सुचना है। कल शाम ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पटना पहुंच चुके हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी आज पहुंचने वाले हैं। एयरपोर्ट पर प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रदेश प्रभारी के कृष्णा अल्लावरु ने उनका स्वागत किया। उनके साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार देर शाम पटना पहुंचे। कांग्रेस नेता सचिन पायलट, रणदीप सुरजेवाला, भूपेश बधेल और जीतू पटवारी सहित कई दिग्गज पटना नेता पहुंचे हैं।
बैठक में क्या होगा खास, किन मुद्दों पर होगी चर्चा
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बैठक को खास माना जा रहा है। इसक शक्ति प्रदर्शन का मुख्य मकसद सीट शेयरिंग को लेकर दबाब बनान है। बैठक के बाद राहुल गांधी के साथ तेजस्वी यादव की बैठक भी आयोजित की जाएगी। गौरतलब हो की कल महागठबंधन समन्वय समिति की बैठक भी तेजस्वी आवास पर आयोजित की गई थी लेकिन तेजस्वी के शामिल नही होने से समिति सीट साझेदारी को लेकर किसी खास नतीजे पर नही पहुंच सकी।
शक्ति प्रदर्शन के बहाने NDA को घेरने को लेकर बनेगी खास रणनीति
कांग्रेस इस बैठक के माध्यम से पार्टी की गोलबंदी कर शक्ति प्रदर्शन की कोशिश कर रही है। वह यह संदेश देना चाहती है की कांग्रेस में आज भी दमखम बरकरार है। पार्टी कथित वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन को अपना मुख्य मुद्दा बनाने की कोशिश करेगी। जिसके बहाने वह अपने पारंपरिक वोट बैंक (सवर्ण, मुस्लिम और दलित) को फिर से जोड़ने का प्रयास करेगी। बैठक के बहाने घटक दलों को संदेश देने की कोशिश है कि कांग्रेस के पास हर वोट बैंक का आधार है। इसलिये उसे नजरअंदाज नही किया जा सकता और ना ही वह दबाब में झुकेगी।
क्या होगा असर
बैठक के बहाने एक तरफ जहां गठबंधन में वह अपनी स्थिति मजबूत करना चाह रही है। वहीं विरोधी खेमे को भी विभिन्न मुद्दों पर खास रणनीति बना कर घेरने का प्रयास करेगी। हांलाकि इसका कितना असर होगा ये तो चुनाव के बाद पता चलेगा लेकिन बैठक को लेकर एनडीए गठबंधन भी नजर टिकाए है।
यह भी पढ़े : विधानसभा चुनाव परिणाम : 3 राज्यों में BJP की सरकार, तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार
Highlights







