डिजीटल डेस्क : यूपी में मुस्लिम बहुल कुंदरकी सीट पर भाजपा को निर्णायक बढ़त पर बढ़ा विवाद। उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की जारी मतगणना में सबसे चौंकाने वाले नतीजे का रुझान पश्चिमी यूपी की मुस्लिम बहुल कुंदरकी सीट पर देखने को मिला है। इसने हर दल के रणनीतिकारों को चौंका दिया है।
Highlights
लंबे समय से सपा के कब्जे में रही और सपा का गढ़ बने इस सीट पर भाजपा की ओर से इस बार बड़ा उलटफेर होने जा रहा है। यहां भाजपा प्रत्याशी निर्णायक बढ़त हासिल कर चुके हैं। यहां भाजपा उम्मीदवार की जीत की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है और उसी को लेकर सियासी हलके में जमकर बवाल मचा और विवादों का दौर शुरू हुआ है।
कुंदरकी में भाजपा 1 लाख मतों से आखिरी दौर में आगे
भारतीय निर्वाचन आयोग के आधिकारिक ब्योरे के मुताबिक, शनिवार दोपहर 1 बजे तक इस सीट की हुई मतगणना में कुंदरकी से भाजपा उम्मीदवार ठाकुर रामवीर सिंह करीब 85 हजार वोटों से आगे थे।
अपराह्न 3.10 बजे कुल 32 में 21 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा प्रत्याशी 108934 मतों से आगे चल रहे हैं। इस राउंड तक यहां भाजपा प्रत्याशी रामवीर सिंह को 122859 वोट मिले जबकि सपा के मोहम्मद रिजवान को 13925 वोट मिले जबकि आजाद समाज पार्टी के चांद बाबू को 7748 वोट मिले हैं।

निर्णायक लीड पर बोले रामवीर – धर्म-जाति से ऊपर उठकर मुस्लिम वोटरों ने डाले वोट
मुस्लिम बहुल कुंदरकी सीट पर 21वें राउंड के बाद अपने निर्णायक लीड पर भाजपा उम्मीदवार ठाकुर रामवीर सिंह ने मंझे हुए राजनेता की तरह काफी सधा हुआ बयान दिया है। रामवीर सिंह ने अपनी निर्णायक बढ़त के पीछे अपने लिए मुस्लिम वोटरों के भरोसे को बताया है।
रामवीर सिंह ने कहा कि –‘…बात तब की है जब मुझे टिकट भी नहीं हुआ था। …तब से यहां का मुस्लिम वोटर एक तरफा था… मुसलमानों ने ठान लिया था कि इस बार रामवीर को मौका देना है।
…इस चुनाव में यहां मुसलमानों ने धर्म-जाति के बंधन तोड़ते हुए भाजपा को वोट किया है। …ये चुनाव मेरे चेहरे पर हुआ है। 2007 से इस सीट से चुनाव लड़ रहा हूं।
…मुझे 2007 में मुस्लिमों ने 2500 वोट दिए। फिर 2012 में 5 हजार कर दिए और 2017 में 25 हजार कर दिए। फिर 2022 में 75 हजार कर दिए’।

कुंदरकी के रुझान पर सपा में भाजपा पर फोड़ा धांधली से जीत हासिल करने का ठीकरा…
कुंदरकी विधानसभा सीट पर भाजपा के पक्ष में मतगणना में दिखे निर्णायक रुझाने से जहां भाजपा खेमा उत्साहित है, वहीं प्रतिपक्षी सपा ने सत्ता पक्ष के सीधे निशाने पर लिया है। सपा नेतृत्व ने आरोप लगाया है कि मुसलमानों को वोट नहीं डालने दिया गया और मतदान में धांधली की गई।
कुंदरकी में सपा के उम्मीदवार हाजी रिजवान ने आरोप लगाया है कि कुंदरकी सीट पर मतदान लोकतंत्र से नहीं, राजतंत्र नीति से हुआ है और मतगणना में सामने आ रहे आंकड़े उसी की पुष्टि कर रहे हैं।
बात यहीं खत्म नहीं हुई। मुरादाबाद की कुंदरकी सीट पर हुए उपचुनाव में मतगणना पर सामने आए रुझान पर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने भी मोर्चा संभाला।
सांसद बर्क ने कहा कि – ‘यदि चुनाव निष्पक्ष और ढंग से होता, तो समाजवादी पार्टी बड़े अंतर से जीत हासिल करती। चुनाव के दौरान पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाया गया… राशन डीलरों और ग्राम प्रधानों को प्रभावित करने का काम हुआ।
…चुनाव से दो दिन पहले से ही माहौल को बिगाड़ने की कोशिश तक हुई…कई स्थानों पर विशेष पर्चियों के आधार पर वोटिंग की अनुमति दी गई, जबकि अन्य लोगों को वोट डालने से रोका गया। ये मतदान नहीं बल्कि संविधान के लोकतंत्र की हत्या है’।

मुरादाबाद के कुंदरकी विधानसभा पर वोटरों का गणित समझिए….
मुरादाबादा कुंदरकी सीट पर मतगणना के रुझान पर मचे बवाल को समझने के लिए यहां के वोटरों की गणित को समझना जरूरी है। कुंदरकी विधानसभा में कुल वोटर 3.80 लाख हैं। इनमें भी करीब 2.50 लाख मुस्लिम वोटर हैं जबकि हिंदू वोटरों की संख्या 1.20 लाख है। अन्य वोटरों की संख्या करीब 10 हजार है।
संपन्न हुए विधानसभा उपचुनाव में करीब 57 फीसद वोट पड़े। पिछले चुनाव में यहां से भाजपा प्रत्याशी को कुल 82 हजार वोट मिले थे और भाजपा को हार मिली थी जबकि इस उपचुनाव में वही भाजपा प्रत्याशी एक लाख से ज्यादा वोट पाते दिखे तो स्वाभाविक तौर पर सपा ने भाजपा को निशाने पर लिया है।