बिहार में जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 7624 अपराधियों को सजा दिलाई गई। 453 को उम्रकैद, 253 को 10 साल या अधिक की सजा मिली। साइबर अपराध पर भी बड़ी कार्रवाई।
Crime Control Update पटना: बिहार में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें सजा दिलाने की प्रक्रिया में तेजी आई है। राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच कुल 7 हजार 624 अपराधियों को सजा दिलाई गई है। इनमें 453 अभियुक्तों को आजीवन कारावास तथा 253 अपराधियों को 10 वर्ष या उससे अधिक की सजा सुनाई गई है। यह जानकारी पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में एडीजी (मुख्यालय) सुनील कुमार ने दी।
Crime Control Update:हत्या, लूट और पॉक्सो मामलों में बढ़ी सजा की दर
एडीजी ने बताया कि आर्म्स एक्ट के 252 मामलों में 318 अपराधियों, हत्या के 213 मामलों में 508 अभियुक्तों, डकैती के 17 मामलों में 34 अपराधियों, लूट के 59 मामलों में 66 तथा अपहरण के 51 मामलों में 62 अपराधियों को सजा दिलाई गई है। वहीं पॉक्सो और दुष्कर्म के 218 मामलों में 267 अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया। फरवरी महीने में दो अपराधियों को फांसी की सजा भी सुनाई गई।
इसके अलावा 10 वर्ष से कम सजा पाने वाले अपराधियों की संख्या 651 रही, जबकि दो वर्ष से कम सजा पाने वालों की संख्या 981 दर्ज की गई। जुर्माना या बंदपत्र के आधार पर छोड़े गए अभियुक्तों की संख्या 68 हजार 284 बताई गई।
Crime Control Update:5 जिलों में बनेगा एसपी ग्रामीण का नया पद
प्रेस वार्ता में एडीजी (विधि-व्यवस्था) सुधांशु कुमार ने बताया कि मोतिहारी, समस्तीपुर, वैशाली, सीवान और मधुबनी में एसपी (ग्रामीण) के पद का सृजन किया गया है। उनका कहना था कि इससे विधि-व्यवस्था संचालन और कांडों के निष्पादन में तेजी आएगी।
Key Highlights:
बिहार में 4 महीने में 7624 अपराधियों को सजा
453 अभियुक्तों को उम्रकैद और 253 को 10 साल से अधिक की सजा
पॉक्सो और रेप मामलों में 267 दोषियों को सजा
साइबर अपराध से जुड़े 1200 म्यूल बैंक खाते बंद
‘साइबर प्रहार 2.0’ के तहत हजारों मोबाइल नंबर और IMEI ब्लॉक
Crime Control Update:साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई, 1200 म्यूल खाते बंद
आईजी (साइबर) रणजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ राज्यभर में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। बिहार देश में ऑनलाइन शिकायत और एफआईआर दर्ज करने के मामले में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराध में उपयोग किए जा रहे 1200 म्यूल बैंक खातों को चिन्हित कर बंद कराया गया है। इन मामलों में 122 एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान 5 बैंक कर्मियों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
राज्य में अब तक 199 करोड़ रुपये की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। इनमें से 51 करोड़ 84 लाख रुपये की राशि होल्ड कराई जा चुकी है, जो कुल राशि का लगभग 26.04 प्रतिशत है।
Crime Control Update:साइबर हेल्पलाइन 1930 पर बढ़ीं शिकायतें
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर आने वाली कॉल की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हुई है। फरवरी तक प्रतिदिन औसतन 5500 कॉल आती थीं, जो अब बढ़कर 8100 कॉल प्रतिदिन हो गई हैं। जनवरी से अप्रैल तक 9 लाख से अधिक कॉल का जवाब दिया गया, जो कुल कॉल का 99 प्रतिशत है।
साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘साइबर प्रहार 2.0’ अभियान के तहत 4 हजार 147 मोबाइल नंबर और 638 मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए गए हैं। इसके अलावा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम सक्रिय कराने वाले 162 पीओएस एजेंटों को भी चिन्हित कर कार्रवाई की गई है।
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